More
    HomeHindi Newsट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने बताया "बेबस और...

    ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने बताया “बेबस और बेतुका” कदम

    मध्य-पूर्व (Middle East) का तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब परमाणु खतरे की दहलीज पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को ईरान ने पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक “बेबस और बेतुका” कदम करार दिया है।

    ट्रंप का अल्टीमेटम और ईरान की प्रतिक्रिया

    राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि अगले 48 घंटों (6 अप्रैल 2026 की समयसीमा) के भीतर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोलता और शांति समझौते पर बातचीत शुरू नहीं करता, तो उस पर “कयामत” (All Hell) बरसाई जाएगी।

    ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान के जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “ट्रंप की धमकी एक हताश, घबराहट भरी और असंतुलित कार्रवाई है। उनके लिए ‘नर्क के द्वार’ खुल जाएंगे।”


    बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला और रेडिएशन का खतरा

    तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हाल ही में हमले हुए। यह पिछले कुछ हफ्तों में इस क्षेत्र में चौथा हमला बताया जा रहा है।

    • ईरान की चेतावनी: विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि परमाणु संयंत्रों के पास हमले से रेडियोधर्मी रिसाव (Radioactive Fallout) का गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि रेडिएशन फैलता है, तो इसका असर केवल ईरान पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों पर भी होगा।
    • IAEA की रिपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि एजेंसी ने पुष्टि की है कि फिलहाल रेडिएशन के स्तर में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है, लेकिन हमले में संयंत्र का एक कर्मचारी मारा गया है और कुछ इमारतों को नुकसान पहुँचा है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल संकट

    इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर से खोलना है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है।


    1. डेडलाइन: ट्रंप ने 6 अप्रैल 2026, रात 8 बजे (ET) तक का समय दिया है।
    2. सैन्य कार्रवाई: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और कुवैत की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
    3. मानवीय संकट: परमाणु संयंत्र के पास हमलों ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक नया वैश्विक खतरा पैदा कर दिया है।
    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments