पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया है। रोहतांग दर्रा, भरमौर, लाहौल और मनाली की चोटियों पर बर्फ की चादर बिछ गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। कई स्थानों पर ओले गिरने से तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
आने वाले दिनों के लिए अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल से सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से:
- हिमाचल प्रदेश: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ 9 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान है।
- जम्मू-कश्मीर: भूस्खलन (landslides) और अचानक बाढ़ (flash floods) की चेतावनी दी गई है।
- पंजाब और राजस्थान: शनिवार को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है।
जान-माल का नुकसान
पंजाब के होशियारपुर जिले में एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर बिजली गिरने से एक किशोर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। खराब मौसम के कारण हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में बिजली के ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरा छा गया और कई मार्ग बंद करने पड़े।
खेती पर प्रभाव
ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अपनी फसलों की सुरक्षा का प्रबंध करें।


