नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों के भरोसे के दम पर सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) ने आज रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत की है। दलाल स्ट्रीट पर छाई इस हरियाली ने निवेशकों के चेहरे खिला दिए हैं।
शेयर बाजार में ऐतिहासिक उछाल
बुधवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1,900 अंकों से ज्यादा की तेजी देखी गई। वहीं, निफ्टी-50 भी 500 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time High) की ओर बढ़ रहा है।
बाजार की प्रमुख स्थिति:
- सेंसेक्स: 86,400 के पार (1,925 अंकों की बढ़त)
- निफ्टी: 26,350 के करीब (512 अंकों की बढ़त)
बाजार के सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिनमें बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर सबसे आगे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में 2-3% तक की मजबूती देखी जा रही है।
रुपया हुआ मजबूत
शेयर बाजार में आई इस तेजी का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे मजबूत होकर 82.95 के स्तर पर खुला। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा भारतीय बाजारों में फिर से निवेश बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आई हल्की नरमी ने रुपये को सहारा दिया है।
तेजी के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ‘बोनस’ तेजी के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
- ईरान-अमेरिका तनाव में कमी के संकेत: राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 2-3 हफ्तों में सेना वापसी के बयान से वैश्विक अनिश्चितता कम हुई है।
- कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता: युद्ध क्षेत्र से आ रही सकारात्मक खबरों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सुधार की उम्मीद जगी है।
- नया वित्त वर्ष और बजट प्रभाव: नए वित्त वर्ष की शुरुआत में फंड मैनेजरों द्वारा नई खरीदारी (Fresh Buying) और हालिया बजट घोषणाओं के सकारात्मक क्रियान्वयन ने सेंटिमेंट को बूस्ट किया है।
निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह सामान्य होती रहीं, तो भारतीय बाजार आने वाले दिनों में और भी नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी गई है।


