संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जहाँ सफलता पाने के लिए युवा सालों तक तपस्या करते हैं। लेकिन राजस्थान कैडर की आईपीएस अधिकारी अमृता दुहन (Amrita Duhan) की कहानी उन सभी के लिए एक मिसाल है जो उम्र या पारिवारिक जिम्मेदारियों को अपने सपनों के बीच की बाधा मानते हैं। अमृता दुहन की सफलता का यह सफर न केवल संघर्षों से भरा है, बल्कि यह दृढ़ इच्छाशक्ति की एक अद्भुत दास्तान भी है।
शिक्षा और प्रारंभिक करियर
अमृता दुहन मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। यूपीएससी में आने से पहले उनका करियर पूरी तरह से अलग था। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की और एमबीबीएस (MBBS) करने के बाद एक डॉक्टर के रूप में कार्य करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने पैथोलॉजी में एमडी (MD) की डिग्री हासिल की और एक मेडिकल कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी सेवाएं देने लगीं।
33 की उम्र में UPSC का फैसला
जब अधिकांश लोग अपने करियर में स्थिरता की तलाश करते हैं, तब अमृता ने कुछ नया और चुनौतीपूर्ण करने का सोचा। 33 वर्ष की आयु में, जब उनका एक छोटा बेटा भी था, उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया। एक माँ के रूप में घर की जिम्मेदारी, एक डॉक्टर के रूप में प्रोफेशनल काम और यूपीएससी की पढ़ाई के बीच तालमेल बिठाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।
बिना कोचिंग के रच दिया इतिहास
अमृता दुहन की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए किसी नामी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अपनी ड्यूटी और बच्चे की देखभाल के साथ-साथ खुद ही नोट्स तैयार किए और पढ़ाई की। उनकी मेहनत रंग लाई और साल 2016 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 441 हासिल कर आईपीएस (IPS) बनने का सपना पूरा किया।
उदयपुर की नई एसपी के रूप में पहचान
वर्तमान में अमृता दुहन राजस्थान के उदयपुर की जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे ब्यावर और जोधपुर में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उदयपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान संभालते हुए उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
प्रेरणादायक संदेश
अमृता दुहन की कहानी यह संदेश देती है कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती। यदि आपके पास जुनून और स्पष्ट लक्ष्य है, तो आप मातृत्व और करियर के बीच संतुलन बनाकर भी इतिहास रच सकते हैं। आज वे हजारों उन महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज हैं जो शादी या बच्चे के बाद अपने करियर के साथ समझौता कर लेती हैं।
मुख्य आकर्षण:
- शिक्षा: एमबीबीएस, एमडी (पैथोलॉजी)।
- चयन: यूपीएससी 2016 बैच (आईपीएस)।
- उपलब्धि: 33 की उम्र में बिना कोचिंग सफलता।
- वर्तमान पद: एसपी, उदयपुर (राजस्थान)।


