देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती परिसंचरण के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। इसके चलते मार्च की तपती गर्मी के बीच तापमान में 3 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए 19 राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
उत्तर और मध्य भारत: गर्मी से राहत
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार रात से ही तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है।
- तापमान में गिरावट: दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 17°C तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को जनवरी जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है।
- पहाड़ों पर बर्फबारी: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले पांच दिनों से रुक-रुक कर हिमपात जारी है, जिसका असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर भी पड़ रहा है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का खतरा
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है।
- ऑरेंज अलर्ट: IMD ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ 24 मार्च तक मौसम खराब रहने का अनुमान है।
- तेज हवाएं: गंगा के मैदानी इलाकों में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है। ओडिशा में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने का डर है।
दक्षिण भारत: बारिश और उमस का संगम
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बादलों का डेरा है।
- केरल और कर्नाटक: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में वज्रपात (Thunderstorm) के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो रही है।
- उमस: हालांकि बारिश से तापमान गिरा है, लेकिन केरल और गोवा जैसे तटीय क्षेत्रों में उमस भरा मौसम बना हुआ है।
मौसम बदलने का मुख्य कारण
वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत से मध्य भारत तक फैली एक ‘ट्रफ लाइन’ और जेट स्ट्रीम की सक्रियता इस अस्थिरता की मुख्य वजह है। इसके प्रभाव से आने वाले 5 दिनों तक पूर्वोत्तर राज्यों (मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा) में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी।


