ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह कर देगा।
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान के पास दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग (होर्मुज) को बिना किसी शर्त और खतरे के खोलने के लिए केवल 48 घंटे हैं। यदि समय सीमा समाप्त होती है, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगी। ट्रंप ने कहा है कि हमले की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी।
हजारों अमेरिकी मरीन की तैनाती
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अपनी जमीनी सेना (Ground Troops) को उतारने की तैयारी कर रहा है। USS Boxer और दो अन्य बड़े युद्धपोत सैन डिएगो से रवाना हो चुके हैं। इन जहाजों पर 2,500 से अधिक मरीन तैनात हैं, जो 11वें मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती ईरान के तटों या खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर नियंत्रण पाने के लिए की जा सकती है, जो ईरान के तेल निर्यात का 90% हिस्सा संभालता है।
युद्ध का कारण और वर्तमान स्थिति
यह तनाव पिछले तीन हफ्तों से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का हिस्सा है।
- इजरायल पर हमला: हाल ही में ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागीं, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। इसे ईरान ने अपने नतांज़ परमाणु केंद्र पर हुए हमले का बदला बताया है।
- होर्मुज की नाकेबंदी: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं।
ईरान की जवाबी चेतावनी
अमेरिका की धमकी के जवाब में ईरानी सेना ने भी पलटवार किया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ऊर्जा संपत्तियों पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और पानी को मीठा करने वाले संयंत्रों (Desalination Plants) को निशाना बनाएंगे।


