भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अक्सर चर्चा में रहने वाले उनके कथित मतभेदों पर गंभीर ने पहली बार काफी संतुलित और परिपक्व प्रतिक्रिया दी है।
‘गलतियां मुझसे भी हुई होंगी’
एक हालिया साक्षात्कार में जब गंभीर से सीनियर खिलाड़ियों (विराट और रोहित) के साथ उनके रिश्तों और अतीत के विवादों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी सहजता से अपनी बात रखी। गंभीर ने स्वीकार किया कि वह भी इंसान हैं और अतीत में उनसे भी गलतियां हुई होंगी। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं हमेशा सही रहा हूं। निश्चित रूप से मुझसे भी गलतियां हुई होंगी, लेकिन मेरा इरादा कभी भी टीम के हितों के खिलाफ नहीं था।”
गंभीर ने स्पष्ट किया कि मैदान पर जो कुछ भी होता है, वह खेल की गरमा-गरमी का हिस्सा होता है। उनके और विराट के बीच हुए पुराने आईपीएल विवादों को लेकर उन्होंने कहा कि अब वे सभी एक ही लक्ष्य (भारतीय टीम की जीत) के लिए काम कर रहे हैं।
ड्रेसिंग रूम की पारदर्शिता पर जोर
गौतम गंभीर ने टीम के भीतर एक स्वस्थ माहौल बनाए रखने के लिए ‘पारदर्शिता’ (Transparency) को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
- सीधा संवाद: कोच के रूप में गंभीर का मानना है कि अगर किसी खिलाड़ी को कोई समस्या है, तो उसे सीधे आकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “ड्रेसिंग रूम में स्पष्टता होनी चाहिए। रोहित और विराट दोनों ही महान खिलाड़ी हैं और वे जानते हैं कि देश के लिए खेलना सबसे ऊपर है।”
- जीत ही एकमात्र लक्ष्य: गंभीर ने दोहराया कि उनके लिए व्यक्तिगत रिश्ते दूसरे नंबर पर हैं, पहला लक्ष्य केवल भारत को मैच जिताना है। उन्होंने कहा कि जब तक टीम जीत रही है, तब तक बाहरी शोर का कोई मतलब नहीं रह जाता।
रोहित और विराट का भविष्य
गंभीर का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम में सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव और युवाओं का जोश मिलकर ही सफलता दिला सकता है।
“मेरा काम खिलाड़ियों के बीच असुरक्षा की भावना को खत्म करना है। हम एक परिवार की तरह हैं और परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही होता है।” — गौतम गंभीर


