98वें एकेडमी ऑस्कर अवॉर्ड्स (Oscars 2026) के दौरान बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को ‘इन मेमोरियम’ (In Memoriam) के लाइव टेलीकास्ट में शामिल न किए जाने पर भारतीय फैंस काफी नाराज नजर आए। इस विवाद के बाद एकेडमी ने स्पष्ट किया है कि किन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है और नामों का चयन कैसे होता है।
धर्मेंद्र का नाम टेलीकास्ट से क्यों गायब था?
धर्मेंद्र, जिनका निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था, उन्हें 2026 के ऑस्कर समारोह में याद किए जाने की उम्मीद थी। हालांकि, लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान दिखाए गए वीडियो मोंटाज में उनका नाम शामिल नहीं था। ऑस्कर ने स्पष्ट किया है कि लाइव टेलीकास्ट का समय सीमित होता है, इसलिए वे केवल कुछ प्रमुख नामों को ही वीडियो में शामिल कर पाते हैं। भले ही धर्मेंद्र वीडियो में नहीं थे, लेकिन ऑस्कर की आधिकारिक वेबसाइट की ‘इन मेमोरियम’ सूची में उन्हें जगह दी गई है। उनके साथ मनोज कुमार, बी. सरोज देवी और कोटा श्रीनिवास राव जैसे अन्य भारतीय दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं।
कौन तय करता है ये नाम?
ऑस्कर में श्रद्धांजलि दिए जाने वाले नामों का चयन एक लंबी प्रक्रिया के तहत होता है:
- समिति का निर्णय: नामों का चयन एक विशेष कमेटी (In Memoriam Committee) करती है। यह कमेटी साल भर में दुनिया भर से गुजर चुके सैकड़ों कलाकारों की सूची बनाती है।
- चयन का आधार: वीडियो में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाती है जिनका फिल्म इंडस्ट्री में योगदान असाधारण रहा हो या जो एकेडमी के सदस्य रहे हों। समय की कमी के कारण कमेटी को सैकड़ों नामों में से केवल कुछ को ही वीडियो के लिए चुनना पड़ता है।
- अंतिम फैसला: शो के प्रोड्यूसर्स और कमेटी मिलकर यह तय करते हैं कि कौन से नाम लाइव ब्रॉडकास्ट में जाएंगे और कौन से केवल वेबसाइट पर रहेंगे।
हेमा मालिनी की प्रतिक्रिया
इस ओमिशन (omission) पर धर्मेंद्र की पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यह वाकई शर्मनाक है कि उन्होंने एक ऐसे अभिनेता को नजरअंदाज किया जिसने दुनिया भर के सिनेप्रेमियों के लिए इतना कुछ किया। धरम जी को पूरी दुनिया में पहचाना जाता था, उन्हें ऑस्कर की परवाह करने की जरूरत नहीं है।”
ऑस्कर से पहले, फरवरी 2026 में हुए BAFTA Awards में धर्मेंद्र को उनके योगदान के लिए विशेष श्रद्धांजलि दी गई थी, जहाँ वे सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे।


