पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटा दिया है। चुनाव आयोग का यह कदम राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
प्रमुख बदलाव और नियुक्तियां
निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, राज्य के दो सबसे वरिष्ठ नौकरशाहों को चुनाव संबंधी किसी भी जिम्मेदारी से दूर रखने का निर्देश दिया गया है:
- मुख्य सचिव (Chief Secretary): आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती (1994 बैच की आईएएस) को हटाकर उनके स्थान पर दुष्यंत नारियाला (1993 बैच के आईएएस) को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। दुष्यंत नारियाला इससे पहले उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के रूप में कार्यरत थे।
- गृह सचिव (Home Secretary): गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर संघमित्रा घोष (1997 बैच की आईएएस) को नया गृह सचिव बनाया गया है। संघमित्रा घोष इससे पहले महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रधान सचिव थीं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स (अमर उजाला, इकोनॉमिक टाइम्स) के अनुसार, यह कार्रवाई कई शिकायतों और समीक्षा के बाद की गई है:
- SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में अनियमितता: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान नियमों के उल्लंघन और निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर आयोग नाराज था।
- पक्षपात के आरोप: विपक्ष (विशेषकर भाजपा) ने आरोप लगाया था कि राज्य के शीर्ष अधिकारी सत्तारूढ़ दल के करीब हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे।
- अनुशासनात्मक मुद्दे: नंदिनी चक्रवर्ती को पूर्व में भी आयोग द्वारा तलब किया गया था और उन पर चुनाव सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप लगे थे।
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि हटाए गए अधिकारियों—नंदिनी चक्रवर्ती और जगदीश प्रसाद मीणा—को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव से जुड़े किसी भी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। नए अधिकारियों को 16 मार्च 2026 (आज) दोपहर 3 बजे तक अपनी जिम्मेदारी संभालने और जॉइनिंग रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।


