ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक नए मोड़ पर आ गया है। ईरान ने अमेरिका के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि तेहरान युद्धविराम (Ceasefire) और बातचीत के लिए उत्सुक है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि ईरान ने कभी भी अमेरिका से युद्धविराम की मांग नहीं की है। अराक्छी ने कहा, ईरान अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। अमेरिका के साथ बातचीत करने का फिलहाल कोई ठोस कारण नहीं दिखता क्योंकि अमेरिका ने बातचीत के दौरान ही ईरान पर हमला किया था। ईरान केवल उन देशों से बातचीत के लिए तैयार है जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का दावा और तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ और अन्य मीडिया चैनलों पर यह दावा किया था कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहता है, लेकिन वह (ट्रंप) अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि शर्तें “पर्याप्त रूप से अच्छी” नहीं हैं। ट्रंप ने ईरान पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके झूठी खबरें और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान के सैन्य ठिकाने काफी हद तक तबाह हो चुके हैं, इसलिए वे बातचीत का रास्ता ढूंढ रहे हैं।
मौजूदा स्थिति और संघर्ष का प्रभाव
यह विवाद मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उपजा है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आया है।
- गठबंधन की मांग: ट्रंप ने चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों से अपील की है कि वे इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजें।
- हताहतों की संख्या: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दो सप्ताह के संघर्ष में अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
जहाँ ट्रंप इसे ईरान की ‘हार’ और ‘मजबूरी’ बता रहे हैं, वहीं ईरान इसे अपनी ‘मजबूती’ और ‘आत्मरक्षा’ का नाम दे रहा है। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक रास्ते फिलहाल बंद नजर आ रहे हैं।


