मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की एक और बड़ी खबर आई है। ‘शिवालिक’ के बाद अब भारत का दूसरा बड़ा मालवाहक जहाज ‘नंदा देवी’ भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर गया है।
सफलतापूर्वक पारगमन
भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ ओमान की खाड़ी से होते हुए सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे पहले ‘शिवालिक’ ने इस खतरनाक रास्ते को पार किया था। ये जहाज भारत के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधन (LPG और तेल) लेकर आ रहे हैं।
- होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय दुनिया का सबसे संवेदनशील इलाका बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के खार्ग द्वीप पर बमबारी के दावे और ईरान की जवाबी धमकियों के बाद यहां युद्ध जैसे हालात हैं।
- भारतीय कूटनीति का असर: भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलना प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी नेतृत्व के बीच हुई हालिया बातचीत का परिणाम माना जा रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह भारतीय हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, बशर्ते क्षेत्र में शांति बनी रहे।
- नौसेना की निगरानी: भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत इन वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं और लगातार हवाई निगरानी रखी जा रही है।
बाजार पर प्रभाव: इन जहाजों के सुरक्षित निकलने से भारत में रसोई गैस (LPG) की किल्लत दूर होने की उम्मीद जगी है। सात राज्यों में जो गैस की कमी देखी जा रही थी, इन टैंकरों के पहुंचने से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) फिर से पटरी पर आ जाएगी।
हालांकि, क्षेत्र में अभी भी तनाव बरकरार है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां कम नहीं हुई हैं। वैश्विक तेल बाजार अभी भी इस बात को लेकर आशंकित है कि यदि ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह बंद किया, तो आपूर्ति ठप हो सकती है।


