More
    HomeHindi NewsGujarat Newsट्रेन में छिपकर आये वर्ल्ड कप चैंपियन शिवम दुबे, जानें क्या है...

    ट्रेन में छिपकर आये वर्ल्ड कप चैंपियन शिवम दुबे, जानें क्या है पूरा माजरा?

    भारतीय क्रिकेटर और T20 वर्ल्ड कप चैंपियन शिवम दुबे इन दिनों एक बेहद फिल्मी और दिलचस्प कहानी को लेकर चर्चा में हैं। आमतौर पर लग्जरी लाइफ जीने वाले और चार्टर्ड विमानों में सफर करने वाले स्टार खिलाड़ी को अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रेन की अपर बर्थ (Upper Berth) का सहारा लेना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्हें भीड़ से बचाने के लिए उनकी पत्नी को टीटीई (TTE) से झूठ तक बोलना पड़ा। इस वाकये का खुलासा खुद शिवम दुबे और उनकी पत्नी अंजुम खान ने किया।

    पहचान छिपाने के लिए ‘फिल्मी’ तरीका

    टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद शिवम दुबे की लोकप्रियता चरम पर है। वे फ्लाइट की टिकट नहीं मिली तो अपने परिवार के साथ ट्रेन से सफर कर रहे थे, तब उन्हें डर था कि अगर प्रशंसकों को भनक लग गई, तो स्टेशन और ट्रेन में भारी भीड़ जमा हो सकती है।

    • अपर बर्थ पर डेरा: शिवम दुबे पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन की सबसे ऊपर वाली बर्थ पर लेटे रहे। उन्होंने अपना चेहरा चादर और हुडी से ढक रखा था ताकि कोई उन्हें पहचान न सके।
    • टीटीई की सतर्कता: यह काफी रोमांचक है कि टीटीई ने शिवम दुबे नाम को पहचान लिया था, लेकिन अंजुम खान की ‘उपस्थिति की सूझबूझ’ (Presence of Mind) ने स्थिति को संभाल लिया। “वह यहां कहां से आएगा?”—यह जवाब न केवल चतुराई भरा था, बल्कि टीटीई को भी भ्रम में डालने के लिए काफी था।
    • 8 घंटे की मशक्कत: शिवम दुबे के लिए 8 घंटे तक एक सीमित जगह (अपर बर्थ) पर दुबके रहना, वह भी एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जिसकी कद-काठी काफी लंबी है, वाकई में काफी कठिन रहा होगा।

    बोरीवली स्टेशन की चुनौती

    बोरीवली मुंबई का एक ऐसा स्टेशन है, जहां हर मिनट हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में अगर किसी को पता चल जाता कि वर्ल्ड चैंपियन शिवम दुबे वहां मौजूद हैं, तो प्रशंसकों की भारी भीड़ और सेल्फी लेने की होड़ से भगदड़ (Stampede) मचने का वास्तविक खतरा था। जब दुबे ने सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, तो पुलिस बल के लिए यह जानकर स्तब्ध होना स्वाभाविक था कि ‘वर्ल्ड कप का हीरो’ कोई चार्टर्ड फ्लाइट नहीं, बल्कि आम जनता के बीच से ट्रेन में सफर करके आया है। यह उनकी सादगी और आम जीवन जीने की इच्छा को दर्शाता है। अंततः पुलिस ने एक विशेष प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उन्हें स्टेशन से बाहर निकाला, ताकि न केवल खिलाड़ी की गरिमा बनी रहे, बल्कि स्टेशन पर मौजूद आम यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments