अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। 10 मार्च 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर “20 गुना ज्यादा ताकत” से हमला करेगा।
ईरान को सीधी चेतावनी
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान वैश्विक तेल प्रवाह में बाधा डालता है, तो अमेरिका ऐसे ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें दोबारा बनाना ईरान के लिए नामुमकिन होगा। उन्होंने इसे “मौत, आग और विनाश” (Death, Fire and Fury) की चेतावनी दी है। ट्रंप का दावा है कि ईरानी नौसेना और वायुसेना पहले ही काफी हद तक कमजोर हो चुकी है, और अब किसी भी “हिमाकत” का अंजाम बहुत बुरा होगा।
चीन के लिए ‘उपहार’
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने अपनी इस चेतावनी को चीन और उन अन्य देशों के लिए एक “उपहार” (Gift) बताया है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए हॉर्मुज मार्ग पर निर्भर हैं।
- ऊर्जा सुरक्षा: चीन अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से इसी रास्ते से मंगवाता है।
- ट्रंप का तर्क: ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका इस समुद्री मार्ग को खुला रखकर वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से चीन की मदद कर रहा है, क्योंकि आपूर्ति रुकने से तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
वर्तमान स्थिति
- युद्ध का अंत: एक ओर ट्रंप हमले की धमकी दे रहे हैं, तो दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान “बहुत जल्द” खत्म हो सकता है। उन्होंने इसे एक “छोटा दौरा” (Short-term excursion) करार दिया।
- बाजार पर असर: ट्रंप के इन बयानों के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। जहां युद्ध की खबरों से कीमतें बढ़ी थीं, वहीं ट्रंप के “जल्द अंत” वाले बयान से कीमतों में कुछ राहत भी देखी गई।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इसके जवाब में कहा है कि वे अमेरिका को युद्ध खत्म करने की तारीख तय नहीं करने देंगे और क्षेत्र से तेल का “एक लीटर” भी बाहर नहीं जाने देंगे यदि हमले जारी रहे।


