पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान दिया है। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में, पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से उन हमलों के लिए माफी मांगी है, जो हालिया संघर्ष के दौरान प्रभावित हुए थे।
राष्ट्रपति के बयान की मुख्य बातें:
- हमले बंद करने का निर्णय: राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर किसी भी प्रकार के सैन्य हमले को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का किसी भी पड़ोसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने या उनकी जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है।
- अमेरिका को कड़ी चेतावनी: जहां एक ओर ईरान ने पड़ोसी देशों के प्रति सुलह का रुख अपनाया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका को लेकर उसका तेवर अभी भी सख्त है। पेजेशकियन ने अमेरिका की ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “जो लोग यह सपना देख रहे हैं कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण कर देगा, वे अपने इस सपने को कब्र तक साथ ले जाएंगे।”
- तनाव की पृष्ठभूमि: यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। ईरान का आरोप है कि ये हमले जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढांचे और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं।
कूटनीतिक बदलाव के मायने
विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति पेजेशकियन का यह बयान ईरान की रणनीति में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। पड़ोसी देशों से माफी मांगकर ईरान क्षेत्रीय स्तर पर खुद को अलग-थलग होने से बचाना चाहता है ताकि वह अपना पूरा ध्यान अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जारी संघर्ष पर केंद्रित कर सके।
इसके साथ ही, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह संघर्ष को सुलझाने के लिए कुछ देशों द्वारा शुरू किए गए ‘मध्यस्थता प्रयासों’ के प्रति भी सकारात्मक है, बशर्ते राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता बनी रहे।


