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    बालाकोट सिर्फ एक एयरस्ट्राइक नहीं, यह नए भारत के संकल्प की गूंज थी

    आज का दिन भारत के सैन्य इतिहास में ‘शौर्य और संकल्प’ के प्रतीक के रूप में दर्ज है। आज बालाकोट एयरस्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन 21 मिनटों को याद किया, जिन्होंने दुश्मन के हौसले पस्त कर दिए थे और वैश्विक स्तर पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का शंखनाद किया था।

    वो 21 मिनट: जब दहला था बालाकोट

    14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले (जिसमें 40 वीर जवान शहीद हुए थे) के ठीक 12 दिन बाद, भारतीय वायुसेना ने इसका करारा जवाब दिया। 26 फरवरी 2019 की तड़के लगभग 3:45 से 4:05 बजे के बीच ‘ऑपरेशन बंदर’ (Operation Bandar)। भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 (Mirage 2000) लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इजरायली ‘स्पाइस-2000’ (SPICE-2000) बमों की मदद से आतंकियों के प्रशिक्षण केंद्रों को जमींदोज किया गया।

    बीजेपी का संदेश: ‘नया भारत’ घर में घुसकर मारता है

    बीजेपी ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दृढ़ नेतृत्व’ की सराहना की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह स्ट्राइक महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के उस आक्रोश की अभिव्यक्ति थी, जो आतंक के खिलाफ एक निर्णायक जंग चाहते थे।

    “वो 21 मिनट, जिन्होंने दुश्मन की नींद उड़ा दी! यह सिर्फ एक एयरस्ट्राइक नहीं थी — यह नए भारत के संकल्प की गूंज थी। भारत शांति चाहता है, पर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता।”

    इतिहास की बड़ी उपलब्धि

    बालाकोट एयरस्ट्राइक 1971 के युद्ध के बाद पहला मौका था जब भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर हमला किया था। इस अभियान ने न केवल पाकिस्तान को बल्कि पूरी दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रक्षा (Proactive Defense) की नीति पर चलता है।


    एयर स्ट्राइक से जुड़ी कुछ अहम बातें

    विवरणजानकारी
    दिनांक26 फरवरी 2019
    लक्ष्यजैश-ए-मोहम्मद का टेरर कैंप (बालाकोट)
    विमानमिराज-2000
    मुख्य रणनीतिकारपीएम मोदी, अजीत डोभाल (NSA), तत्कालीन वायुसेना प्रमुख BS धनोआ

    आज पूरा देश उन Air Warriors को नमन कर रहा है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर तिरंगे का मान बढ़ाया। यह दिन हर भारतीय को याद दिलाता है कि देश की सीमाएं और सुरक्षा सर्वोपरि हैं।

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