अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 फरवरी 2026 को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। यह उनके दूसरे कार्यकाल का पहला ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ (State of the Union) संबोधन था। लगभग 100 मिनट लंबे इस भाषण में ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीतियों, विशेषकर ‘टैरिफ’ (आयात शुल्क) को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
भाषण की मुख्य बातें
- टैरिफ और ट्रेड डील: ट्रंप ने गर्व से कहा कि उन्होंने टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर कई देशों के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील की हैं। उन्होंने कहा, “टैरिफ डिक्शनरी का सबसे खूबसूरत शब्द है” और इसी के दम पर अन्य देश अब अमेरिका को सम्मान दे रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी: हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के व्यापक टैरिफ लगाने के कुछ अधिकारों को अवैध घोषित किया था। ट्रंप ने संसद में इसे “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे नए कानूनी रास्ते तलाश कर टैरिफ जारी रखेंगे।
- भारत के साथ व्यापार: ट्रंप ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भारत के साथ संबंधों में सुधार हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की लेकिन यह भी दोहराया कि अब भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम कर रहा है, जो पहले नहीं होता था।
- ऊर्जा और ड्रिलिंग: राष्ट्रपति ने “Drill, Baby, Drill” के अपने वादे को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका का तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने वेनेजुएला से तेल आयात और घरेलू उत्पादन में वृद्धि को अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया।
- विदेश नीति और सुरक्षा: ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि आज अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, अमीर और मजबूत है।
निष्कर्ष: ट्रंप ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट कर दिया कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के तहत टैरिफ और आक्रामक व्यापारिक समझौते उनकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बने रहेंगे।


