More
    HomeHindi NewsBusinessIDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का फर्जीवाड़ा, निवेशकों के इतने रुपए...

    IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का फर्जीवाड़ा, निवेशकों के इतने रुपए स्वाहा

    IDFC फर्स्ट बैंक के चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में ₹590 करोड़ के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस खबर के सामने आते ही सोमवार (23 फरवरी 2026) को शेयर बाजार में बैंक के शेयरों में 20% की भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों की करीब ₹14,000 करोड़ की संपत्ति देखते ही देखते स्वाहा हो गई।

    कैसे खुला राज?

    यह पूरा मामला हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ा है। घटना का पता तब चला जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक से अपना खाता बंद करने और फंड ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस दौरान सरकारी रिकॉर्ड और बैंक बैलेंस में बड़ा अंतर पाया गया।

    • जांच में खुलासा: शुरुआती जांच में पता चला कि चंडीगढ़ शाखा के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर जाली चेक और अनधिकृत लेनदेन के जरिए हेराफेरी की थी।
    • सीमित असर: बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने स्पष्ट किया कि यह धोखाधड़ी केवल एक विशिष्ट शाखा और हरियाणा सरकार के कुछ चुनिंदा खातों तक ही सीमित है। इसका असर बैंक के अन्य सामान्य ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।

    अब तक की बड़ी कार्रवाई

    1. निलंबन: बैंक ने इस मामले में संदिग्ध पाए गए चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
    2. कानूनी कदम: पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है और KPMG को स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट के लिए नियुक्त किया गया है।
    3. हरियाणा सरकार का एक्शन: हरियाणा सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को ‘डी-इम्पैनल’ (पैनल से बाहर) कर दिया है। सभी सरकारी विभागों को इन बैंकों से अपना पैसा निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

    आरबीआई (RBI) गवर्नर का रुख

    इस घटना के बाद बाजार में मची खलबली पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्थिति स्पष्ट की। गवर्नर ने कहा कि आरबीआई इस पूरे मामले और बैंक के आंतरिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने निवेशकों और जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “यह कोई सिस्टमिक इश्यू (पूरी बैंकिंग प्रणाली की समस्या) नहीं है।” भारतीय बैंकिंग सिस्टम मजबूत है और किसी एक बैंक की घटना पूरी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा नहीं है।

    सोमवार को बैंक का शेयर करीब ₹66.85 के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह मार्च 2020 के बाद बैंक के शेयरों में आई सबसे बड़ी गिरावट है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments