नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट 2026’ (Global AI Summit 2026) उस समय राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई, जब भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ के भीतर ‘अर्ध-नग्न’ (shirtless) होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने वाला कृत्य करार दिया है।
एआई समिट में हंगामा और विरोध
- घटना: 20 फरवरी 2026 को समिट के पांचवें दिन, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शनी हॉल (Hall-5) में अपनी टी-शर्ट उतारकर नारे लगाने लगे।
- कारण: कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ हालिया ‘ट्रेड डील’ के जरिए देश के हितों और डेटा सुरक्षा के साथ समझौता किया है।
- पुलिस कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय सचिव सहित युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया और करीब 10-15 लोगों को हिरासत में लिया।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस प्रदर्शन को “राष्ट्रद्रोह के समकक्ष” और “देश का अपमान” बताया है।
- किरेन रिजिजू: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस इस शर्मनाक व्यवहार के लिए माफी मांगेगी, लेकिन इसके उलट पार्टी नेतृत्व इसका बचाव कर रहा है।
- सुधांशु त्रिवेदी: भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इसे “नग्न राजनीति” करार देते हुए कहा कि जब दुनिया भारत की तकनीकी शक्ति का लोहा मान रही है, तब कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स के सामने देश को शर्मिंदा कर रही है।
- साजिश का आरोप: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन की योजना राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी।
कांग्रेस का रुख
विपक्ष ने इस प्रदर्शन को ‘लोकतांत्रिक असंतोष’ का हिस्सा बताया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मल्लिकार्जुन खड़गे ने समिट के दौरान कुप्रबंधन और भारतीय डेटा को विदेशी कंपनियों के हाथों में सौंपने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा है।


