टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम एक ‘जायंट किलर’ के रूप में उभरी है, जिसने पहले ऑस्ट्रेलिया और अब सह-मेजबान श्रीलंका को हराकर सनसनी फैला दी है। इस ऐतिहासिक सफर के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनके युवा सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट का है।
बेनेट ने इस टूर्नामेंट में कुछ ऐसा कर दिखाया है जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है। वह ग्रुप स्टेज के सभी मैचों में नाबाद (Not Out) रहे हैं।
बेनेट: ‘मिस्टर अनबीटेबल’ का प्रदर्शन
22 वर्षीय ब्रायन बेनेट ने ग्रुप-बी के मैचों में अपनी बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों को बेबस कर दिया है। उनके आंकड़े किसी भी टीम के लिए खौफ पैदा करने वाले हैं:
- बनाम ओमान: 48* रन (36 गेंद)
- बनाम ऑस्ट्रेलिया: 64* रन (56 गेंद)
- बनाम श्रीलंका: 63* रन (48 गेंद)
कुल मिलाकर उन्होंने 3 पारियों में 175 रन बनाए हैं और खास बात यह है कि कोई भी गेंदबाज उन्हें अब तक आउट नहीं कर सका है। श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी 63 रनों की पारी से 179 रनों के लक्ष्य को आसान बना दिया और जिम्बाब्वे को ग्रुप में टॉप पर पहुंचा दिया।
टीम इंडिया को क्यों है खतरा?
जिम्बाब्वे ने अजेय रहते हुए सुपर-8 में प्रवेश किया है, जहां उनका सामना भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीमों से होगा। भारतीय टीम के लिए बेनेट सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं क्योंकि:
- एंकर और फिनिशर दोनों: वह पहले ओवर में आते हैं और 20वें ओवर तक टिके रहने की क्षमता रखते हैं, जिससे दूसरे छोर के बल्लेबाजों (जैसे सिकंदर रजा) को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है।
- स्पिन और पेस पर नियंत्रण: कोलंबो की टर्निंग पिचों पर उन्होंने जिस तरह श्रीलंकाई स्पिनरों को खेला, वह उनकी तकनीक की परिपक्वता दर्शाता है।
- शानदार फॉर्म: लगातार दो अर्धशतक जड़ने वाले बेनेट फिलहाल अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं।
उलटफेर का ड क्रिकेट के मैदान पर जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीमें बड़े उलटफेर कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया का टूर्नामेंट से बाहर होना इस बात का सबूत है कि सुपर-8 में किसी भी टीम को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
भारतीय गेंदबाजों—खासकर बुमराह और कुलदीप यादव—के लिए ब्रायन बेनेट का विकेट लेना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। अगर बेनेट को जल्दी पवेलियन नहीं भेजा गया, तो वह भारतीय टीम के सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर सकते हैं।


