कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए रिटायरमेंट फंड पर रिटर्न बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, EPFO अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने और ब्याज दरों को आकर्षक बनाए रखने के लिए एक ‘हाई-पावर्ड कमेटी’ (High-Powered Committee) गठित करने की तैयारी में है।
यहाँ इस योजना और इसके संभावित फायदों का मुख्य विवरण दिया गया है:
1. सरकार का मास्टर प्लान: निवेश के नए विकल्प
EPFO का मुख्य उद्देश्य अपने विशाल फंड (जो लगभग 25-26 लाख करोड़ रुपये है) पर अधिक लाभ कमाना है। इसके लिए सरकार निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कर रही है:
- पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: वर्तमान में EPFO का बड़ा हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश होता है। नई समिति बांड्स, इक्विटी (Equity) और अन्य सुरक्षित लेकिन उच्च-रिटर्न वाले साधनों में निवेश की सीमा बढ़ाने पर विचार करेगी।
- इक्विटी में निवेश की सीमा: वर्तमान में EPFO अपने फंड का एक निश्चित हिस्सा (15%) शेयर बाजार (ETFs) में निवेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीमा को धीरे-धीरे बढ़ाने से लंबी अवधि में ब्याज दर (Interest Rate) में सुधार हो सकता है।
2. 2026 के लिए ब्याज दर की स्थिति
- मौजूदा दर: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर 8.25% निर्धारित की गई थी।
- आगामी बैठक: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर तय करने हेतु मार्च 2026 की शुरुआत में ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज’ (CBT) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है।
- अनुमान: माना जा रहा है कि सरकार ब्याज दर को कम से कम 8.25% पर स्थिर रखने या निवेश रणनीति में बदलाव के माध्यम से इसे बढ़ाने का प्रयास करेगी।
3. करोड़ों लोगों को क्या होगा फायदा?
- रिटायरमेंट फंड में बढ़ोतरी: यदि निवेश के नए विकल्पों से रिटर्न बढ़ता है, तो करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के पीएफ खाते में सालाना जमा होने वाला ब्याज बढ़ेगा, जिससे ‘रिटायरमेंट कॉर्पस’ (Retirement Corpus) बड़ा होगा।
- सैलरी लिमिट में वृद्धि की चर्चा: सरकार ईपीएफ के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने पर भी विचार कर रही है, जिससे करीब 1 करोड़ अतिरिक्त कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा पाएंगे।
EPFO के प्रमुख आंकड़े
खाताधारकों की संख्या | 7 करोड़ से अधिक
वर्तमान ब्याज दर | 8.25% (FY 2024-25)
प्रबंधित फंड | ₹25-26 लाख करोड़


