बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत के साथ क्रिकेट संबंधों को लेकर जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। बांग्लादेश के नए खेल मंत्री ने हाल ही में भारत के साथ रिश्तों पर एक बड़ा सकारात्मक बयान दिया है, जिससे टी20 विश्व कप 2026 के बाद टीम इंडिया के बांग्लादेश दौरे की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
यहाँ इस पूरे मामले का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
1. खेल मंत्री का बदला हुआ रुख
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद खेल मंत्रालय की कमान संभालने वाले नए मंत्री ने कहा है कि भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों का आधार है।
- बयान: मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार के दौरान जो भी कड़वाहट या सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।
- सहयोग: उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को आश्वासन दिया है कि भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
2. विवाद की पृष्ठभूमि
टी20 विश्व कप 2026 के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी।
- बांग्लादेश में हुए राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत ने अपनी टीम भेजने पर संशय जताया था।
- सोशल मीडिया पर दोनों देशों के प्रशंसकों के बीच “बायकॉट” के ट्रेंड ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया था।
3. क्या टीम इंडिया जाएगी बांग्लादेश?
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच बैक-चैनल बातचीत शुरू हो चुकी है।
- प्रस्तावित दौरा: विश्व कप के समापन के बाद भारत को बांग्लादेश में एक सीमित ओवरों की सीरीज (ODI और T20) खेलनी है।
- सकारात्मक संकेत: नए खेल मंत्री के नरम रुख और “पड़ोसी पहले” की नीति ने इस दौरे के लिए रास्ता साफ कर दिया है। बीसीसीआई के अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि यदि सरकार (विदेश मंत्रालय) की हरी झंडी मिलती है, तो वे टीम भेजने के लिए तैयार हैं।
4. बीसीसीआई का रुख
बीसीसीआई वर्तमान में सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। बोर्ड का मानना है कि एशियाई क्रिकेट की मजबूती के लिए भारत और बांग्लादेश का खेलना जरूरी है। खेल मंत्री के बयान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में इस दौरे के आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा हो सकती है।
निष्कर्ष: बांग्लादेश की नई सरकार क्रिकेट के जरिए भारत के साथ रिश्तों को फिर से पटरी पर लाना चाहती है। खेल मंत्री का यह बयान न केवल प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर है, बल्कि यह खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।


