केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इस शिखर सम्मेलन को “एआई का महाकुंभ” करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूरी दुनिया एआई की ओर रुख कर रही है, भारत उसमें एक नेतृत्वकारी भूमिका (Global Leader) निभाने के लिए तैयार है।
प्रमुख बिंदु और रिकॉर्ड भागीदारी
- पंजीकरण का रिकॉर्ड: इस समिट के लिए अब तक लगभग 2.5 लाख से 3 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है, जो इसकी वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है।
- पीएम मोदी का संबोधन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 5:00 बजे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन करेंगे। वे ग्लोबल टेक लीडर्स के सामने भारत के एआई विजन को रखेंगे।
- ग्लोबल साउथ की पहली मेजबानी: यह पहला मौका है जब यह अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है।
कौन-कौन दिग्गज हो रहे हैं शामिल?
इस सम्मेलन में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के सीईओ और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं:
- सुंदर पिचाई (CEO, Google)
- सैम ऑल्टमैन (CEO, OpenAI)
- बिल गेट्स (Chair, Gates Foundation)
- मुकेश अंबानी (Chairman, Reliance Industries)
एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026: एक नज़र में
| विशेषता | विवरण |
| दिनांक | 16 से 20 फरवरी 2026 |
| मुख्य थीम | ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सभी का कल्याण) |
| सहभागी देश | 65 से अधिक देश |
| स्टार्टअप्स | 600 से ज्यादा एआई स्टार्टअप्स की भागीदारी |
| विशेष सेवा | विदेशी मेहमानों के लिए ‘UPI One World’ वॉलेट की शुरुआत |
प्रमुख एजेंडा: 7 चक्रों पर चर्चा
समिट की चर्चाओं को सात प्रमुख ‘चक्रों’ में विभाजित किया गया है:
- मानव पूंजी: एआई कौशल का विकास।
- सुरक्षित और विश्वसनीय एआई: डेटा सुरक्षा और नैतिक उपयोग।
- समावेशन: सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एआई।
- अर्थव्यवस्था: जीडीपी और उत्पादकता में योगदान।
- कृषि और स्वास्थ्य: बुनियादी क्षेत्रों में एआई का उपयोग।
- नवाचार: स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा।
- लोकतंत्रीकरण: एआई संसाधनों की सभी तक पहुंच।
निष्कर्ष:
यह समिट भारत को अमेरिका और चीन के समकक्ष एक ‘टेक सुपरपावर’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल निवेश आएगा, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।


