विशाल भारद्वाज की सिनेमाई जादुई दुनिया एक बार फिर पर्दे पर लौटी है। फिल्म ‘ओ रोमियो’ (O Romeo) के साथ शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की हिट जोड़ी (‘कमीने’ और ‘हैदर’ के बाद) ने हैट्रिक लगा दी है। यह फिल्म 80 और 90 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड के उन पन्नों को पलटती है, जो अब तक धूल फांक रहे थे।
कहानी: उस्तरा, प्रतिशोध और दाऊद
फिल्म की कहानी असल जिंदगी के गैंगस्टर हुसैन उस्तरा (शाहिद कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। हुसैन एक ऐसा शख्स है जो बंदूक के दौर में भी ‘उस्तरा’ चलाने की कला पर भरोसा रखता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसका सामना अशरफ खान उर्फ सपना दीदी (तृप्ति डिमरी) से होता है। सपना दीदी अपने पति की हत्या का बदला दाऊद इब्राहिम (अविनाश तिवारी) से लेना चाहती हैं। हुसैन उस्तरा और सपना दीदी की यह जोड़ी दाऊद के साम्राज्य के लिए काल बन जाती है।
अभिनय: शाहिद और तृप्ति की जुगलबंदी
- शाहिद कपूर: शाहिद ने हुसैन उस्तरा के किरदार में जान फूंक दी है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, आंखों की चमक और उस्तरा चलाने का बेखौफ अंदाज आपको ‘कमीने’ के गुड्डू-चार्ली की याद दिला देगा।
- तृप्ति डिमरी: ‘एनिमल’ के बाद तृप्ति यहाँ एक बिल्कुल अलग अवतार में हैं। एक लाचार विधवा से एक खतरनाक लेडी डॉन बनने का उनका सफर बेहद प्रभावशाली है।
- नाना पाटेकर: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में नाना पाटेकर ने अपने सधे हुए अभिनय और ट्रेडमार्क डायलॉग डिलीवरी से फिल्म में चार चांद लगा दिए हैं।
- अविनाश तिवारी: दाऊद के किरदार में अविनाश की खामोशी और क्रूरता डराने वाली है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
विशाल भारद्वाज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे ‘डार्क थ्रिलर’ के मास्टर हैं।
- सिनेमैटोग्राफी: 80 के दशक की मुंबई, डोंगरी की तंग गलियां और दाऊद के दुबई-शारजाह वाले ठिकाने को स्क्रीन पर बहुत खूबसूरती से उतारा गया है।
- संगीत: विशाल भारद्वाज का संगीत और गुलजार के बोल फिल्म की जान हैं। ‘ओ रोमियो’ का टाइटल ट्रैक बैकग्राउंड में रोंगटे खड़े कर देता है।
खूबियां और कमियां
| खूबियां | कमियां |
| शाहिद कपूर का जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन | फिल्म की लंबाई (करीब 2 घंटे 45 मिनट) |
| दमदार डायलॉग्स और बैकग्राउंड स्कोर | सेकंड हाफ में रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है |
| असल घटना पर आधारित सटीक रिसर्च | कुछ दृश्य बहुत ज्यादा हिंसक हैं |
रेटिंग: 4/5 स्टार
‘ओ रोमियो’ सिर्फ एक गैंगस्टर ड्रामा नहीं है, बल्कि यह जुनून, प्यार और प्रतिशोध की एक गहरी गाथा है। अगर आप विशाल भारद्वाज के सिनेमा के प्रशंसक हैं और शाहिद कपूर को उनके सर्वश्रेष्ठ अवतार में देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ‘मस्ट वॉच’ है।


