बांग्लादेश में हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होती दिख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत पर पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश न केवल एक औपचारिक बधाई है, बल्कि पड़ोसी देश में बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने का एक स्पष्ट कूटनीतिक संकेत भी है।
पीएम मोदी के संदेश की 5 बड़ी बातें
- नेतृत्व पर भरोसा: पीएम मोदी ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता का तारिक रहमान के नेतृत्व में अटूट विश्वास दर्शाती है।
- लोकतंत्र का समर्थन: उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एक “लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी” बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा।
- बहुआयामी संबंधों पर जोर: पीएम मोदी ने संकेत दिया कि वे भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे बहुआयामी संबंधों (Multifaceted relations) को और मजबूत करने के लिए नई सरकार के साथ काम करने के इच्छुक हैं।
- साझा विकास लक्ष्य: संदेश में “साझा विकास लक्ष्यों” (Common development goals) को आगे बढ़ाने की बात कही गई है, जो यह दर्शाता है कि भारत विकास कार्यों में सहयोग जारी रखेगा।
- स्थिरता की उम्मीद: जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी का यह त्वरित संदेश शेख हसीना के बाद के दौर में बांग्लादेश के साथ रिश्तों में आई ‘ठंडक’ को दूर करने और स्थिरता बहाल करने की एक कोशिश है।
कूटनीतिक मायने: क्यों खास है यह बधाई?
शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान भारत और बांग्लादेश के रिश्ते काफी प्रगाढ़ थे। उनके जाने के बाद और चुनाव से पहले संबंधों में कुछ अनिश्चितता देखी गई थी। हालांकि, तारिक रहमान ने भी अपने हालिया बयानों में ‘पड़ोसी प्रथम’ और भारत के साथ मिलकर चलने के संकेत दिए हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बड़ा संकेत
बीएनपी को ऐतिहासिक रूप से भारत के प्रति ‘कठोर’ माना जाता रहा है, लेकिन पीएम मोदी की त्वरित बधाई बताती है कि नई दिल्ली अब ‘हसीना युग’ से आगे बढ़कर व्यावहारिक राजनीति (Realpolitik) पर ध्यान दे रही है।
- सुरक्षा और स्थिरता: भारत के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी तत्वों द्वारा न किया जाए।
- हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: मोदी द्वारा “समावेशी” शब्द का उपयोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा की भारत की अपेक्षा को दर्शाता है।
- चीन और पाकिस्तान का प्रभाव: अवामी लीग के बाहर होने के बाद, भारत चाहेगा कि तारिक रहमान की सरकार बीजिंग या इस्लामाबाद की ओर बहुत अधिक न झुके।
चुनाव के मुख्य परिणाम
- BNP का दबदबा: तारिक रहमान की पार्टी ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है, जो दो-तिहाई बहुमत के करीब है।
- शपथ ग्रहण: सूत्रों के अनुसार, तारिक रहमान 14 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
- जमात की हार: अवामी लीग की अनुपस्थिति के बावजूद, कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी को जनता ने नकार दिया है, जो भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।


