उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां आमतौर पर फरवरी के महीने में गुलाबी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार समय से पहले ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के कई जिलों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को फरवरी में ही अप्रैल जैसी तपिश का अहसास होने लगा है।
बांदा रहा सबसे गर्म: प्रयागराज और वाराणसी भी पीछे नहीं
बुधवार और गुरुवार के आंकड़ों के अनुसार, बांदा जिला पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 30.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। वाराणसी में पारा 29.6°C और प्रयागराज में 29.2°C तक पहुंच गया। दोपहर की तेज धूप के कारण इन शहरों में लोगों को पसीने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा।राजधानी में भी अधिकतम तापमान 26.7°C के आसपास रहा। हालांकि रात के समय पारा गिरकर 12.1°C तक आ रहा है, जिससे ‘दिन में गर्मी और रात में ठंड’ वाला दोहरा मौसम बना हुआ है।
समय से पहले गर्मी की मुख्य वजह
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं। पछुआ हवाओं (Westerlies) की गति धीमी होने के कारण मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम बना हुआ है। आसमान साफ रहने के कारण सीधी और तेज धूप धरातल को जल्दी गर्म कर रही है। फिलहाल कोई प्रभावी मौसमी सिस्टम नहीं होने से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अगले 3-4 दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 17 फरवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही होने से पारे में मामूली गिरावट आ सकती है।
अचानक बढ़ती गर्मी और रात की ठंड के कारण वायरल बुखार और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। दोपहर में बाहर निकलते समय पर्याप्त पानी पिएं।


