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    लेबर कोड, मनरेगा और Trade Deal, राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 12 फरवरी 2026 को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। चार नए लेबर कोड (Labour Codes), मनरेगा (MGNREGA) के खात्मे और अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश भर के मजदूर संगठनों ने 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।


    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट कर सरकार से पूछा कि जब देश का अन्नदाता और मजदूर अपने हक के लिए सड़कों पर है, तो क्या प्रधानमंत्री उनकी आवाज सुनेंगे?

    • अधिकारों पर चोट: राहुल ने आरोप लगाया कि चार नए लेबर कोड मजदूरों के दशकों के संघर्ष से मिले अधिकारों को छीन लेंगे। उन्होंने इसे ‘गुलामी का दस्तावेज’ करार देते हुए कहा कि इससे ‘हायर एंड फायर’ (नौकरी से निकालने) की नीति को बढ़ावा मिलेगा।
    • मनरेगा का मुद्दा: राहुल ने सरकार द्वारा मनरेगा को बदलकर लाए गए नए कानून (VB-GRAM-G Act) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मनरेगा गांवों का आखिरी आर्थिक सहारा था, जिसे कमजोर कर गरीबों के पेट पर लात मारी जा रही है।

    ‘ग्रिप’ (पकड़) का रहस्य और मार्शल आर्ट का उदाहरण

    संसद में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक बेहद चर्चित उपमा दी। उन्होंने मार्शल आर्ट (Jiu-Jitsu) का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों को ‘चोकहोल्ड’ (गला घोंटने वाली पकड़) बताया।

    • क्या मोदीजी किसी के दबाव में हैं? राहुल ने पूछा, “क्या मोदीजी अब सुनेंगे? या उन पर किसी ‘ग्रिप’ की पकड़ इतनी मजबूत हो गई है कि वे चाहकर भी पीछे नहीं हट सकते?”
    • व्यापार समझौते पर हमला: उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘पूर्ण आत्मसमर्पण’ बताया। उन्होंने दावा किया कि इस सौदे में भारत ने अपना डेटा, ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हित अमेरिका को सौंप दिए हैं। राहुल ने कहा, “कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री ऐसा समझौता तब तक नहीं करेगा जब तक कि उस पर कोई अदृश्य ‘पकड़’ न हो।”

    कांग्रेस का रुख और मजदूर संगठनों की मांग

    राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों और किसानों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है।

    • मजदूर संगठनों और कांग्रेस की मांग है कि चारों लेबर कोड वापस लिए जाएं, मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए और एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
    • राहुल ने कहा कि जिस तरह किसानों ने एकता दिखाकर तीन काले कृषि कानूनों को वापस कराया था, उसी तरह मजदूरों को भी एकजुट होना होगा।

    राहुल गांधी के इस हमले ने 2026 के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, जहाँ विपक्ष अब आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को सीधे तौर पर ‘राष्ट्रीय संप्रभुता’ से जोड़कर पेश कर रहा है।

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