More
    HomeHindi Newsकर्नाटक में फिर नेतृत्व परिवर्तन की मांग, 80-90 विधायक DK के समर्थन...

    कर्नाटक में फिर नेतृत्व परिवर्तन की मांग, 80-90 विधायक DK के समर्थन में?

    कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Change) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी ‘सत्ता के संघर्ष’ में अब विधायकों की लामबंदी की खबरें सामने आ रही हैं। कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन के एक ताजा दावे ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

    80-90 विधायकों का समर्थन और हाईकमान पर दबाव

    रामनगर से कांग्रेस विधायक और डीके शिवकुमार के करीबी माने जाने वाले इकबाल हुसैन ने दावा किया है कि कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 80 से 90 विधायक चाहते हैं कि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए।

    • हाईकमान को नाम: हुसैन के अनुसार, इन विधायकों ने अपनी इच्छा और डीके शिवकुमार का नाम पार्टी आलाकमान (High Command) तक पहुंचा दिया है।
    • तर्क: विधायक का कहना है कि यह कोई विद्रोह नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की आकांक्षा है कि जिसने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया, उसे नेतृत्व का मौका मिले।

    सिद्धारमैया के बेटे के बयान पर पलटवार

    यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने हाल ही में बयान दिया कि हाईकमान ने संकेत दे दिए हैं कि सिद्धारमैया पूरे 5 साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

    • हुसैन की प्रतिक्रिया: इकबाल हुसैन ने यतींद्र को ‘अनुशासन’ में रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसे बयान पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यतींद्र कोई हाईकमान नहीं हैं जो इस तरह के फैसले सुनाएं।
    • डीके शिवकुमार का तंज: खुद डीके शिवकुमार ने भी यतींद्र के बयान पर तंज कसते हुए कहा, “यतींद्र ही हमारे हाईकमान हैं, वे जो कहेंगे हम उसे सम्मान के साथ स्वीकार करेंगे।”

    डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा

    इस खींचतान के बीच डीके शिवकुमार आज 10 फरवरी 2026 को दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर रवाना हुए हैं।

    • हालांकि, उन्होंने इसे आगामी चुनावों से जुड़ी एक ‘रूटीन मीटिंग’ बताया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे आलाकमान के सामने पावर-शेयरिंग फॉर्मूले (2.5-2.5 साल का समझौता) की याद दिला सकते हैं।
    • उन्होंने दिल्ली जाने से पहले स्पष्ट किया कि ऐसे सार्वजनिक बयान पार्टी की छवि खराब करते हैं और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी को इस मुद्दे पर चुप रहने का निर्देश दिया है।

    वर्तमान स्थिति: क्या बदलेगा मुख्यमंत्री?

    फिलहाल सिद्धारमैया सरकार अपने कार्यकाल के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और अगले महीने राज्य का बजट पेश होना है। विपक्षी दल भाजपा ने इस आंतरिक कलह को ‘कांग्रेस का गृहयुद्ध’ करार दिया है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments