More
    HomeHindi NewsDelhi Newsस्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, क्या आवश्यक संख्या बल...

    स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, क्या आवश्यक संख्या बल जुटा पाएगा विपक्ष?

    लोकसभा की कार्यवाही में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आने की संभावना है। विपक्षी दलों के गठबंधन (I.N.D.I.A.) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने की तैयारी कर ली है। विपक्ष ने स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    विपक्ष के मुख्य आरोप

    विपक्षी नेताओं का दावा है कि सदन के संचालन के दौरान विपक्षी सदस्यों की आवाज को दबाया जा रहा है। उनके प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:

    • पक्षपातपूर्ण रवैया: विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सत्ता पक्ष के प्रति नरम और विपक्ष के प्रति बेहद कड़े हैं। महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान विपक्षी सांसदों के माइक्रोफोन बंद करने और उन्हें बोलने का पर्याप्त समय न देने के आरोप लगाए गए हैं।
    • सांसदों का निलंबन: हाल के सत्रों में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर भी नाराजगी है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बता रहा है।
    • संसदीय परंपराओं की अनदेखी: विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार के दबाव में महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना उचित चर्चा के पारित कराया जा रहा है।

    अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया

    संवैधानिक नियमों के अनुसार, स्पीकर को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की एक निश्चित प्रक्रिया होती है:

    1. नोटिस देना: कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक नोटिस लोकसभा सचिवालय को देना होता है।
    2. 14 दिनों का समय: स्पीकर को हटाए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा से पहले 14 दिनों का अग्रिम नोटिस देना अनिवार्य है।
    3. बहस और मतदान: नोटिस स्वीकार होने के बाद सदन में इस पर बहस होती है और फिर मतदान कराया जाता है। स्पीकर को हटाने के लिए सदन के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है।

    सरकार का रुख

    सत्ताधारी दल (BJP) ने इन आरोपों को निराधार बताया है। सरकार का तर्क है कि ओम बिरला ने हमेशा नियमों के तहत सदन चलाया है और विपक्ष केवल संसदीय कार्यवाही में बाधा डालने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है।

    आगे क्या? आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष आवश्यक संख्या बल जुटा पाता है और क्या सदन में इस पर चर्चा की अनुमति मिलती है। यदि यह प्रस्ताव सदन में आता है, तो यह मौजूदा लोकसभा के सबसे गरमागरम सत्रों में से एक हो सकता है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments