भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। हालांकि, हिमालयी क्षेत्रों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों के यातायात और तापमान पर पड़ सकता है।
हिमालय में बर्फबारी और बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 8 फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करना शुरू करेगा। इसके परिणामस्वरूप:
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में 9 से 11 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात (Snowfall) होने की संभावना है।
- उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी बर्फबारी के आसार हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ सकती है।
- वर्तमान में एक विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है, जिससे ऊपरी वायुमंडल में बादलों की आवाजाही पहले ही बढ़ चुकी है।
यातायात पर पड़ सकता है असर
पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी और मैदानी इलाकों में सुबह के समय छाने वाले घने कोहरे के कारण परिवहन सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका है:
- हवाई सेवा: कम दृश्यता (Visibility) के कारण दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हो सकती है।
- रेल यातायात: उत्तर भारत की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें कोहरे और खराब मौसम के चलते प्रभावित हो सकती हैं।
- सड़क मार्ग: पहाड़ों पर बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, जिससे पर्यटन स्थलों (जैसे मनाली, गुलमर्ग) की ओर जाने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों का हाल
अगले 48 घंटों तक दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप निकलेगी। हालांकि, पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं के कारण सुबह और रात के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।


