मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghooskhor Pandat) को लेकर विवाद गहरा गया है। ब्राह्मण समाज ने इस फिल्म के शीर्षक और सामग्री को समुदाय की छवि खराब करने वाला बताते हुए सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया है।
विरोध प्रदर्शन की मुख्य बातें:
- उग्र प्रदर्शन: भोपाल की सड़कों पर ब्राह्मण समाज के लोग हाथों में फरसा और पोस्टर लेकर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म के अभिनेता मनोज बाजपेयी और निर्माता नीरज पांडे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- विवाद का कारण: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक ‘घूसखोर’ शब्द के साथ ‘पंडित’ जोड़ना पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान है। उनका कहना है कि यह फिल्म समाज को गलत तरीके से चित्रित करती है और नफरत फैलाने का काम कर रही है।
- प्रमुख मांगें: 1. फिल्म को तत्काल ओटीटी प्लेटफॉर्म (नेटफ्लिक्स) से हटाया जाए। 2. फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। 3. फिल्म के प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
व्यापक असर:
भोपाल के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों जैसे उज्जैन में भी अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने विरोध शुरू कर दिया है। उज्जैन में समाज के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे फिल्म निर्माताओं के खिलाफ उग्र कदम उठाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं, और इसी चरित्र के आधार पर फिल्म का नाम रखा गया है, जिसे लेकर अब धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।


