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    भारतीय शेयर बाजार में दिखी सुस्ती, डॉलर के मुकाबले रुपये में मामूली सुधार

    भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सुस्ती और दबाव देखने को मिला है। बजट 2026 और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।

    बाजार की ताजा स्थिति: सेंसेक्स और निफ्टी

    आज बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव दिखा:

    • BSE सेंसेक्स: शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक फिसल गया, जिससे यह 83,400 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा।
    • NSE निफ्टी: निफ्टी 50 में भी गिरावट दर्ज की गई और यह 25,700 के स्तर के नीचे खिसक गया है।

    ​शेयर बाजार में गिरावट के विपरीत, मुद्रा बाजार (Forex Market) से रुपये के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मामूली मजबूती देखी गई है।

    • ​आज रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 90.44 के स्तर पर खुला।
    • ​हाल ही में भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के सकारात्मक असर के कारण रुपये की स्थिति में स्थिरता बनी हुई है।

    गिरावट के प्रमुख कारण और स्टॉक्स

    ​बाजार में आज की इस सुस्ती के पीछे मुख्य रूप से Q3 (तीसरी तिमाही) के नतीजों और सेक्टोरल दबाव को जिम्मेदार माना जा रहा है:

    1. टाटा पावर (Tata Power): कंपनी के राजस्व में 4% की कमी के चलते इसके शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
    2. Indigo: बाजार खुलते ही इंडिगो के शेयरों में भी करीब 2% की कमजोरी दर्ज की गई।
    3. STT का असर: बजट में डेरिवेटिव्स (F&O) पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने के फैसले का असर अभी भी बाजार की धारणा पर बना हुआ है।

    आज के टॉप गेनर्स:

    ​गिरावट के बावजूद कुछ स्टॉक्स में खरीदारी देखी गई:

    • JSW Cement: मुनाफे में सुधार के बाद शेयर 6% तक उछला।
    • IDBI Bank: इसमें भी करीब 3% की बढ़त देखी गई।

    निवेशकों के लिए सलाह

    ​बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि बजट के बाद बाजार एक कंसोलिडेशन (Consolidation) फेज में है। निवेशकों को फिलहाल बड़े निवेश से पहले तीसरी तिमाही के नतीजों और वैश्विक महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए।

    बाजार का मंत्र: “उतार-चढ़ाव भरे बाजार में पैनिक सेलिंग (Panic Selling) से बचें और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि के लिए निवेश करें।”

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