टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनाव एक बार फिर चरम पर है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने की धमकी दी है, लेकिन भारतीय दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दावा किया है कि पाकिस्तान एक बार फिर अपने फैसले से ‘यू-टर्न’ लेगा। अश्विन का मानना है कि पाकिस्तान आईसीसी के दबाव और वित्तीय नुकसान के डर से अंततः खेलने के लिए मजबूर होगा।
इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान ने पहले भी कई बार बड़ी धमकियां दीं और बाद में अपने कदम पीछे खींच लिए। यहाँ उन 5 बड़े मौकों का विवरण है जब पाकिस्तान ने ‘थूककर चाटा’ या यू-टर्न लिया:
1. वनडे विश्व कप 2023 (भारत दौरा)
एशिया कप विवाद के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर धमकी दी थी कि वे 2023 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में नहीं खेलेंगे। अंततः, पाकिस्तान न केवल भारत आया, बल्कि अहमदाबाद में भारत के खिलाफ मैच भी खेला।
2. एशिया कप 2023 (हाइब्रिड मॉडल)
पाकिस्तान इस टूर्नामेंट का मेजबान था और उसने कसम खाई थी कि वह पूरा टूर्नामेंट अपने देश में ही कराएगा। भारत ने पाकिस्तान जाने से मना किया, तो पीसीबी ने कहा कि वे टूर्नामेंट से हट जाएंगे। लेकिन जब एसीसी (ACC) सख्त हुआ, तो पाकिस्तान ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ स्वीकार किया और भारत के खिलाफ मैच खेलने श्रीलंका गया।
3. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का विवाद
चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर भी पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया था कि वह हाइब्रिड मॉडल (भारत के मैच यूएई में) स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि, बीसीसीआई के अपने रुख पर अड़े रहने के बाद पाकिस्तान को झुकना पड़ा और टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर कराने की अनुमति देनी पड़ी।
4. कराची स्टेडियम में भारतीय तिरंगे का विवाद
चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कराची स्टेडियम में सभी प्रतिभागी देशों के झंडे फहराए गए थे, लेकिन भारत का तिरंगा गायब था। इस पर जब कड़ा विरोध और विवाद हुआ, तो पाकिस्तान ने तुरंत यू-टर्न लिया और स्टेडियम में भारतीय झंडा लगाया।
5. एशिया कप में यूएई के खिलाफ मैच
एक पुराने विवाद में पाकिस्तान ने धमकी दी थी कि यदि एशिया कप में मैच रेफरी को नहीं बदला गया, तो वे यूएई के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। एसीसी ने उनकी मांग खारिज कर दी, जिसके बाद पाकिस्तान ने चुपचाप मैदान पर उतरकर मैच खेला।
अश्विन का दावा: अश्विन का कहना है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी यही कहानी दोहराई जाएगी। पाकिस्तान भले ही अभी बॉयकॉट की बात कर रहा हो, लेकिन आईसीसी के बैन और भारी आर्थिक दंड के डर से वह 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले महामुकाबले में जरूर उतरेगा।


