More
    HomeHindi NewsDelhi Newsसंसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और मंत्री बिट्टू की तकरार,...

    संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और मंत्री बिट्टू की तकरार, ‘गद्दार’ और ‘देश के दुश्मन’ तक पहुंच गई बात

    संसद के मकर द्वार पर बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना ने न केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट बढ़ाई है, बल्कि अब इसे ‘सिख अस्मिता’ और ‘1984 के दंगों’ के इतिहास से जोड़कर देखा जा रहा है।

    ​बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में निलंबित सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बीच यह टकराव हुआ। जब केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू वहां से गुजरे, तो राहुल गांधी ने उन पर तंज कसते हुए कहा, ​”देखो, एक गद्दार यहीं से गुजर रहा है। नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे।”

    ​राहुल गांधी ने हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने इनकार कर दिया और पलटवार करते हुए उन्हें ‘देश का दुश्मन’ करार दिया। बिट्टू ने बाद में मीडिया से कहा कि वह उस परिवार के वारिस से हाथ नहीं मिलाएंगे जिसने पंजाब को आग में झोंका और सिखों का कत्लेआम कराया।

    ​’सिख एंगल’ और राजनीतिक पलटवार

    ​यह मामला अब सिख राजनीति के केंद्र में आ गया है। भाजपा और सिख नेताओं ने इसे पूरे समुदाय का अपमान बताया है:

    • मनजिंदर सिंह सिरसा का हमला: भाजपा नेता सिरसा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक सिख मंत्री को ‘गद्दार’ कहना शर्मनाक है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही दरबार साहिब पर तोपों से हमला कराया था और सिखों का नरसंहार किया था।
    • हरदीप सिंह पुरी की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि राहुल गांधी ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने कहा कि बिट्टू उस परिवार से हैं जिसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने दादा (बेअंत सिंह) का बलिदान दिया, उन्हें गद्दार कहना सिखों का अपमान है।
    • बिट्टू का रुख: रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘नंबर 1 टेररिस्ट’ तक कह डाला और आरोप लगाया कि गांधी परिवार खुद को इस देश का मालिक समझता है।

    कांग्रेस का बचाव: दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे बिट्टू की ‘अवसरवादिता’ पर एक व्यक्तिगत टिप्पणी बताया है। पार्टी का कहना है कि जो नेता तीन बार कांग्रेस के टिकट पर जीता और फिर पाला बदल लिया, उसे राजनीतिक शब्दावली में राहुल ने केवल आईना दिखाया है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments