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    राहुल गांधी ने दिखाई नरवणे की अप्रकाशित किताब, BJP ने दी तीखी प्रतिक्रिया

    संसद के बजट सत्र (फरवरी 2026) के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) का मुद्दा उठाकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

    ​संसद के बाहर और भीतर राहुल गांधी ने इस किताब के हवाले से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए। इस घटनाक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

    ​1. विवाद की मुख्य वजह: ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’

    ​यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे का संस्मरण (Memoir) है, जिसे लेकर पिछले दो सालों से विवाद चल रहा है।

    • प्रकाशन पर रोक: यह किताब अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है। रक्षा मंत्रालय (MoD) इसकी समीक्षा कर रहा है, जिसके कारण इसके मार्केट में आने पर देरी हो रही है।
    • संवेदनशील मुद्दे: किताब में 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद (पूर्वी लद्दाख/गलवान) और अग्निपथ योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनरल नरवणे के अनुभव और सरकार की निर्णय प्रक्रिया का जिक्र होने की बात कही गई है।

    ​2. राहुल गांधी के आरोप

    ​राहुल गांधी ने सदन में एक पत्रिका (The Caravan) में छपे इस किताब के अंशों को दिखाया और दावा किया कि:

    • प्रधानमंत्री की भूमिका: राहुल ने आरोप लगाया कि 31 अगस्त 2020 की रात, जब चीन के टैंक भारतीय सीमा के पास बढ़ रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने जिम्मेदारी लेने के बजाय सेना प्रमुख से कहा— “जो उचित समझो वो करो” (Do whatever you feel is appropriate)
    • अकेलापन: राहुल ने दावा किया कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि उस महत्वपूर्ण मोड़ पर वे खुद को ‘अकेला’ महसूस कर रहे थे।
    • सच्चाई दबाने का आरोप: राहुल का कहना है कि सरकार इस किताब को इसलिए प्रकाशित नहीं होने दे रही है क्योंकि इसमें लद्दाख संकट के दौरान सरकार की विफलता के सबूत हैं।

    ​3. सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया

    ​सरकार ने राहुल गांधी के इन दावों को सिरे से खारिज किया है:

    • तथ्यों की प्रामाणिकता: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई कि राहुल गांधी एक ऐसी किताब का हवाला दे रहे हैं जो अस्तित्व में (प्रकाशित) ही नहीं है।
    • संसदीय नियमों का हवाला: स्पीकर ओम बिरला ने नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल को सदन में अप्रकाशित सामग्री या मैगजीन की रिपोर्ट पढ़ने से रोका।
    • भाजपा का पलटवार: भाजपा ने जनरल नरवणे का एक पुराना वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की एक इंच जमीन भी चीन के कब्जे में नहीं गई है।

    ​निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति

    ​यह मामला अब अभिव्यक्ति की आजादी बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा की गोपनीयता के बीच की जंग बन गया है। जहाँ विपक्ष इसे सरकार की घेराबंदी का हथियार बना रहा है, वहीं सरकार इसे प्रक्रियात्मक और सुरक्षा से जुड़ा मामला बता रही है।

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