टी20 विश्व कप 2026 के आगाज़ से ठीक पहले, भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया की संभावनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है। जयपुर में आयोजित ‘माही अनप्लग्ड’ कार्यक्रम में जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान धोनी ने टीम को “सबसे खतरनाक” बताया, लेकिन साथ ही एक बड़े खतरे की चेतावनी भी दी।
धोनी के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम एक “कम्प्लीट पैकेज” है। उन्होंने टीम की मजबूती के पीछे निम्नलिखित कारण बताए:
- अनुभव और स्थिरता: धोनी ने कहा कि इस टीम के पास टी20 फॉर्मेट का विशाल अनुभव है। खिलाड़ी लंबे समय से अपने निर्धारित रोल में खेल रहे हैं और दबाव झेलना जानते हैं।
- शानदार फॉर्म: 2024 का विश्व कप जीतने के बाद से टीम इंडिया ने एक भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं हारी है और उनका जीत का प्रतिशत अविश्वसनीय रहा है।
- संतुलित टीम: टीम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और सूर्यकुमार जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों के साथ-साथ जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे घातक गेंदबाज मौजूद हैं।
धोनी की बड़ी चेतावनी: ‘ओस’ (Dew Factor) से खतरा
धोनी ने स्पष्ट किया कि भले ही कागजों पर टीम इंडिया सबसे मजबूत है, लेकिन एक चीज़ ऐसी है जिससे उन्हें सबसे ज्यादा डर लगता है—ओस (Dew)।
”मुझे जिस चीज़ की सबसे ज्यादा चिंता है, वो है ओस। ओस मैच की पूरी परिस्थिति बदल देती है। मेरे इंटरनेशनल करियर के दौरान भी मुझे इसी से सबसे ज्यादा डर लगता था क्योंकि इसमें टॉस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।” — एमएस धोनी
धोनी का मानना है कि ओस की वजह से गेंदबाजों के लिए गेंद को ग्रिप करना मुश्किल हो जाता है, जिससे मैच पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में झुक जाता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात सामान्य रहे और ओस ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो टीम इंडिया 10 में से ज्यादातर मैच आसानी से जीत लेगी।
जीत का मंत्र: चोट से बचाव और रोल क्लैरिटी
धोनी ने आगामी टूर्नामेंट के लिए टीम को सलाह दी कि वे अपने-अपने रोल पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट में किसी भी दिन कोई भी खिलाड़ी मैच का रुख पलट सकता है, इसलिए:
- खिलाड़ियों का चोट मुक्त (Injury Free) रहना बेहद जरूरी है।
- नॉकआउट मैचों में रणनीति के साथ-साथ थोड़ी किस्मत की भी जरूरत होती है।
निष्कर्ष: धोनी ने टीम इंडिया को खिताब बचाने का प्रबल दावेदार माना है, बशर्ते वे ओस जैसे बाहरी कारकों और दबाव वाले क्षणों को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकें।


