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    बजट 2026: देश में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का मास्टर प्लान

    ​केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में भारत के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नई रफ्तार देते हुए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन रूट) की घोषणा की है। ये कॉरिडोर न केवल सफर का समय घटाएंगे, बल्कि देश के बड़े आर्थिक और तकनीकी केंद्रों को आपस में जोड़कर ‘ग्रोथ कनेक्टर’ का काम करेंगे।

    ​1. बुलेट ट्रेन के 7 नए रूट और शहर

    ​सरकार ने उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए निम्नलिखित रूट तय किए हैं:

    कॉरिडोर का नामप्रमुख शहर और कनेक्टिविटीयात्रा का अनुमानित समय
    मुंबई – पुणेमहाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी और आईटी हब।~48 मिनट
    पुणे – हैदराबादसोलापुर और जाहीराबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्र।~1 घंटा 55 मिनट
    हैदराबाद – बेंगलुरुदक्षिण के दो सबसे बड़े टेक हब।~2 घंटे
    हैदराबाद – चेन्नईगुंटूर, नेल्लोर और तिरुपति (प्रस्तावित)।~2 घंटे 55 मिनट
    चेन्नई – बेंगलुरुहोसुर और औद्योगिक क्षेत्र।1 घंटा 13 मिनट
    दिल्ली – वाराणसीनोएडा, मथुरा, अयोध्या के माध्यम से।~3 घंटे 50 मिनट
    वाराणसी – सिलीगुड़ीपटना (बिहार) और उत्तर बंगाल।~2 घंटे 55 मिनट

    2. किसे क्या मिला: क्षेत्रीय प्रभाव

    ​इस घोषणा से अलग-अलग क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है:

    • दक्षिण भारत (Golden Triangle): चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच बनने वाला यह नेटवर्क दक्षिण भारत के पांच राज्यों (कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल) की अर्थव्यवस्था के लिए ‘पावरहाउस’ साबित होगा।
    • उत्तर भारत: दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन (Ayodhya & Varanasi) और व्यापार को बढ़ावा देगा। इसे सिलीगुड़ी तक ले जाने से पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
    • पश्चिम भारत: मुंबई-पुणे के बीच का सफर अब 1 घंटे से भी कम समय में पूरा होगा, जिससे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दबाव कम होगा।

    ​3. परियोजना की मुख्य विशेषताएं

    ​रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन परियोजनाओं पर लगभग ₹16 लाख करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

    • कुल लंबाई: लगभग 4,000 किलोमीटर का नया नेटवर्क तैयार होगा।
    • स्वदेशी तकनीक: वंदे भारत के अनुभव का उपयोग करते हुए, इन ट्रेनों में उच्च स्तर की ‘इंडिजेनाइजेशन’ (Indigenisation) होगी।
    • अत्याधुनिक सर्वे: कई रूट्स (जैसे मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी) के लिए LiDAR (हवाई सर्वेक्षण) और डीपीआर (DPR) का काम पहले ही पूरा या अंतिम चरण में है।

    ​4. कब तक शुरू होंगी ये ट्रेनें?

    ​वर्तमान में निर्माणाधीन मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा (सूरत से बिलिमोरा) अगस्त 2027 तक शुरू होने का लक्ष्य है। बजट में घोषित इन 7 नए कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया आने वाले महीनों में तेज होगी।

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