लोकसभा में आज बजट सत्र के चौथे दिन (2 फरवरी 2026) राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच चीन और डोकलाम के मुद्दे पर सीधा टकराव हुआ।
राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि डोकलाम गतिरोध के दौरान चीन के चार टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब आ गए थे। उन्होंने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) एम.एम. नरवणे की एक ‘कथित किताब’ का हवाला देते हुए कहा कि चीनी टैंक डोकलाम में भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 100 मीटर तक आ गए थे। राहुल ने कहा कि वह यह बातें इसलिए पढ़ रहे हैं ताकि पता चल सके कि “असली देशभक्त कौन है”।
राजनाथ सिंह और सरकार का पलटवार
जैसे ही राहुल गांधी ने किताब का जिक्र किया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाला। उनके तर्क मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित थे:
- अप्रकाशित सामग्री: राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जिस किताब का हवाला दे रहे हैं, वह अभी तक प्रकाशित (Unpublished) ही नहीं हुई है। उन्होंने राहुल को चुनौती दी कि यदि किताब प्रकाशित है तो वह उसे सदन के पटल पर रखें।
- प्रमाणिकता पर सवाल: रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित या गैर-प्रामाणिक सामग्री के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बयान देना गलत है।
- अमित शाह का हस्तक्षेप: गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसमें हस्तक्षेप किया और कहा कि राहुल गांधी शायद किसी मैगजीन (द कारवां) के लेख को उद्धृत कर रहे हैं, न कि स्वयं जनरल नरवणे के आधिकारिक शब्दों को।
स्पीकर का रुख और हंगामा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे जो भी तथ्य रखें, वे प्रामाणिक और आधिकारिक हों। उन्होंने कहा कि सदन के नियमों के अनुसार किसी अप्रकाशित पुस्तक या गैर-सत्यापित लेख का हवाला नहीं दिया जा सकता।
हंगामे के बीच राहुल गांधी ने तर्क दिया कि उनके पास मौजूद जानकारी 100 प्रतिशत सटीक है और सरकार जानबूझकर जनरल नरवणे की किताब को प्रकाशित होने से रोक रही है। इस विवाद के कारण सदन में काफी शोर-शराबा हुआ और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।


