उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक बार फिर सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज रात (30 जनवरी) से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक देगा, जिससे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के साथ कड़ाके की ठंड की वापसी होगी।
पहाड़ों का हाल: बर्फबारी का अलर्ट
हिमालयी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच मौसम काफी खराब रहने की संभावना है।
- भारी हिमपात: 1 फरवरी को इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है।
- चेतावनी: पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि बर्फबारी से सड़कें और हवाई यातायात बाधित हो सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर और मैदानों में बारिश
राजधानी दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में इस सिस्टम का असर 31 जनवरी से दिखने लगेगा।
- बारिश और ओलावृष्टि: दिल्ली में 1 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना है।
- ठिठुरन: बारिश के बाद चलने वाली बर्फीली हवाओं से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे “कपकपी” वाली ठंड बढ़ेगी।
- कोहरा: सुबह और रात के समय घने कोहरे का साया बना रहेगा, जिससे दृश्यता (visibility) कम हो सकती है।
तापमान का पूर्वानुमान
दिल्ली में वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से कम (17°C – 19°C) बना हुआ है। आने वाले दिनों में:
- न्यूनतम तापमान: 6°C से 8°C के बीच रहने का अनुमान है।
- हवा की गति: 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं ठंड के अहसास को और बढ़ा देंगी।
मुख्य बिंदु:
- जनवरी 2026 में दिल्ली में पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।
- इस नए विक्षोभ के कारण फरवरी की शुरुआत भी गीली और ठंडी रहेगी।
- किसानों को सलाह दी गई है कि वे बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए अपनी फसलों का ध्यान रखें।


