जम्मू-कश्मीर में मौसम ने करवट बदलते ही जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को घाटी के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
राजमार्ग की स्थिति और यातायात पर प्रभाव:
- NH-44 बंद: भारी बर्फबारी और फिसलन के कारण बनिहाल, रामबन और नाशरी सेक्टर में यातायात रोक दिया गया है। नाशरी और रामबन के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने (Shooting Stones) की घटनाएं भी सामने आई हैं।
- वाहनों की कतारें: राजमार्ग बंद होने से उधमपुर के जखेनी और अन्य सुरक्षित स्थानों पर हजारों वाहन फंसे हुए हैं। इनमें आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक और यात्री वाहन शामिल हैं।
- हवाई सेवाएं प्रभावित: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विजिबिलिटी कम होने और रनवे पर बर्फ जमा होने के कारण 20 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
हिमस्खलन का ‘हाई अलर्ट’ (High Avalanche Warning):
प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर के छह जिलों के लिए अगले 24 घंटों के लिए भारी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।
- प्रभावित जिले: गांदरबल (2,300 मीटर से ऊपर), डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और कुपवाड़ा (2,500 मीटर से ऊपर)।
- सावधानी: लोगों को सलाह दी गई है कि वे ढलान वाले और हिमस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
प्रमुख क्षेत्रों में बर्फबारी की स्थिति:
| स्थान | बर्फबारी की मात्रा |
|---|---|
| गुलमर्ग | लगभग 2 फीट (46 सेमी) |
| शोपियां | लगभग 1.5 फीट |
| सोनमर्ग | 15 सेमी से अधिक |
| कुपवाड़ा | 20-27 सेमी |
मुगल रोड और श्रीनगर-लेह राजमार्ग (जोजिला पास) भी ताजा बर्फबारी के कारण यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। माता वैष्णो देवी के भवन और आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 और 27 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे गणतंत्र दिवस पर भी भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है।


