दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण और उनके बयानों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड (Greenland) को खरीदने की मांग और यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के जवाब में यूरोपीय संसद (European Parliament) ने अमेरिका के साथ होने वाले बड़े व्यापार समझौते पर रोक लगा दी है।
- व्यापार समझौते पर रोक: यूरोपीय संसद की व्यापार समिति ने जुलाई 2025 में हुए ‘टर्नबेरी डील’ (Turnberry Deal) के कानूनी कार्यान्वयन को अगले नोटिस तक निलंबित कर दिया है। इस समझौते का उद्देश्य अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कई आयातों पर टैरिफ कम करना था।
- ट्रंप का बयान: दावोस में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपनी रणनीतिक सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने उन देशों पर 10% से 25% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो अमेरिका के ग्रीनलैंड अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं।
- EU की प्रतिक्रिया: यूरोपीय संसद की ट्रेड कमेटी के चेयरमैन बर्न्ड लांगे ने स्पष्ट किया कि किसी सदस्य देश (डेनमार्क) की क्षेत्रीय अखंडता को धमकी देकर “सामान्य रूप से व्यापार” (Business as usual) करना संभव नहीं है। उन्होंने इसे अमेरिका की “ब्लैकमेलिंग” करार दिया है।
- ग्रीनलैंड का मुद्दा: ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त हिस्सा है। ट्रंप ने इसे “बर्फ का बड़ा और सुंदर टुकड़ा” बताते हुए इसके लिए तुरंत बातचीत शुरू करने की मांग की है, हालांकि उन्होंने बल प्रयोग से इनकार किया है।
आर्थिक प्रभाव
EU और अमेरिका के बीच सालाना लगभग €1.6 ट्रिलियन का व्यापार होता है। इस डील के रुकने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। यूरोपीय नेताओं का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेंगे।


