17 जनवरी 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर दौरा सुर्खियों में रहा। एक ओर जहां उन्होंने दूषित जल त्रासदी के पीड़ितों से मिलकर मानवीय संवेदनाएं व्यक्त कीं, वहीं दूसरी ओर भाजपा के दिग्गज नेताओं ने उन पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
राहुल गांधी का भागीरथपुरा दौरा: “क्या यही है अर्बन मॉडल?”
राहुल गांधी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र पहुंचे और उस मासूम अव्यान के परिवार से मिले, जिसकी जान दूषित पानी पीने की वजह से चली गई थी। राहुल ने परिवार के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा की और पीड़ितों का हाल जाना। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, “इंदौर को स्वच्छता में नंबर-1 कहा जाता है, लेकिन यहाँ मासूमों को पानी के नाम पर ज़हर मिल रहा है। क्या यही भाजपा सरकार का बहुप्रचारित अर्बन मॉडल है?” उन्होंने प्रशासन से इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का पलटवार: “बरैया को निकालें राहुल”
राहुल गांधी के दौरे के बीच भोपाल से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी की यात्रा को ‘सियासी’ बताते हुए उनके विधायक फूल सिंह बरैया के हालिया विवादित बयान का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि राहुल गांधी समाज में जहर घोलने वाले अपने विधायक फूल सिंह बरैया को पार्टी से निकालें। तभी लगेगा कि वे समाज के अन्य वर्गों का सम्मान करते हैं।” उन्होंने बरैया के बयान की कड़ी निंदा की और राहुल गांधी से इस पर जवाब मांगा।
कैलाश विजयवर्गीय का तंज: “इंदौर में आपदा पर्यटक का स्वागत”
इंदौर के कद्दावर नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधने में देरी नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी को ‘आपदा पर्यटक’ (Disaster Tourist) करार दिया। उन्होंने कहा, “इंदौर में कोई भी आए, हम उसका स्वागत करते हैं, चाहे वह पर्यटक हो या आपदा पर्यटक। राहुल गांधी आएंगे, फोटो खिचाएंगे और चले जाएंगे, लेकिन इंदौर का विकास तो हमें ही करना है।” विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि भागीरथपुरा की घटना दुखद है और सरकार इसकी जवाबदेही लेती है ताकि ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
राहुल गांधी के इस दौरे ने इंदौर की दूषित जल त्रासदी को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। जहां कांग्रेस इसे प्रशासन की विफलता बताकर घेर रही है, वहीं भाजपा ने इसे राहुल गांधी का ‘फोटो सेशन’ और पर्यटन करार देकर काउंटर किया है।


