आज 15 जनवरी 2026 को भारत अपना 78वां सेना दिवस (Army Day) मना रहा है। इस गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सेना को राष्ट्र की रक्षा और निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: ‘साहस के पर्याय’
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा:
- अटूट विश्वास: “भारतीय सेना के जवान साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा के अनूठे उदाहरण हैं। चाहे सीमा की रक्षा हो या प्राकृतिक आपदा, सेना ने हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की है।”
- सशक्त भारत: पीएम ने कहा कि हर भारतीय को हमारे सैनिकों के अनुशासन और उनके अटूट संकल्प पर गर्व है। उनके कारण ही देश सुरक्षित महसूस करता है और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर होने के नाते राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना ने पेशेवरता और मानवता का हमेशा एक उच्च मानक स्थापित किया है। उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
- राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने सेना को भारत की संप्रभुता का ‘मजबूत स्तंभ’ बताया और कहा कि सरकार सेना के आधुनिकीकरण और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सेना दिवस का महत्व: क्यों मनाया जाता है यह दिन?
सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को उस ऐतिहासिक क्षण की याद में मनाया जाता है जब 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। यह दिन स्वतंत्र भारत की पहली पूर्ण रूप से भारतीय सैन्य कमान की स्थापना का प्रतीक है।
78वें सेना दिवस के मुख्य आकर्षण
| आयोजन | विवरण |
| मुख्य परेड | इस वर्ष मुख्य सेना दिवस परेड हैदराबाद में आयोजित की जा रही है। |
| शक्ति प्रदर्शन | स्वदेशी हथियारों, टैंकों और अत्याधुनिक ड्रोन्स का प्रदर्शन। |
| शौर्य सम्मान | अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज सैनिकों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। |
सशक्त होती भारतीय सेना
वर्तमान में भारतीय सेना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत तेजी से आधुनिक तकनीक और स्वदेशी हथियारों (जैसे तेजस, प्रचंड हेलीकॉप्टर और ब्रह्मोस) को अपना रही है। सीमाओं पर चुनौतियां होने के बावजूद, जवान ‘दुश्मन को घर में घुसकर मारने’ की क्षमता और तकनीक से लैस हैं।


