कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बयान देकर देश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। अय्यर ने केंद्र सरकार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को तत्काल समाप्त करने और पाकिस्तान के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की वकालत की है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अय्यर ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के प्रति अपनी कठोर नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सीमा पर जारी तनाव और विशेष सैन्य अभियानों (ऑपरेशन सिंदूर) को रोककर कूटनीतिक संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। अय्यर के इस रुख को भाजपा ने “पाक प्रेम” करार दिया है और नारा दिया है— “कांग्रेस की पहचान, PAK मेरा भाईजान”।
भाजपा और सहयोगियों का तीखा पलटवार
अय्यर के बयान के बाद रायपुर से लेकर हापुड़ तक राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है:
- भावना बोहरा (विधायक, भाजपा, रायपुर): छत्तीसगढ़ की भाजपा विधायक भावना बोहरा ने अय्यर पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “कांग्रेस के शासनकाल में जब पाकिस्तान हमला करता था, तो वे शांति समझौते की बात करते थे। लेकिन अब मोदी जी का दौर है। यह ‘नया भारत’ है जो ईंट का जवाब पत्थर से देता है। अब सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि उचित सैन्य कार्रवाई का समय है।”
- केसी त्यागी (JDU नेता, हापुड़): एनडीए सहयोगी जदयू के नेता केसी त्यागी ने इस बयान को कांग्रेस के लिए आत्मघाती बताया। उन्होंने कहा, “मणिशंकर अय्यर के बयान भड़काऊ और उत्तेजनात्मक हैं। यह मानसिकता खुद कांग्रेस पार्टी के लिए विनाशकारी साबित होगी।”
क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए चलाया जा रहा एक विशेष रणनीतिक अभियान है। मणिशंकर अय्यर द्वारा इसे खत्म करने की मांग को सुरक्षा के नजरिए से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
| पक्ष | मुख्य तर्क |
| मणिशंकर अय्यर | शांति के लिए पाकिस्तान से बातचीत और सैन्य अभियानों को बंद करना जरूरी। |
| भाजपा/सरकार | आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। ‘नया भारत’ घर में घुसकर मारेगा। |
| JDU | ऐसे बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ और राजनीति के लिए विनाशकारी हैं। |
मणिशंकर अय्यर के इस बयान ने कांग्रेस को एक बार फिर रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया है। जहां एक तरफ भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता बता रही है, वहीं कांग्रेस के कई अन्य नेता इस बयान से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों और संसद सत्र में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।


