अयोध्या का भव्य राम मंदिर एक बार फिर कट्टरपंथियों और सुरक्षा एजेंसियों की चर्चा के केंद्र में है। शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मंदिर परिसर के भीतर एक कश्मीरी व्यक्ति द्वारा नमाज पढ़ने की कोशिश और नारेबाजी की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है।
मंदिर परिसर में घुसपैठ और हरकत
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले 55 वर्षीय अबू अहमद शेख ने शनिवार शाम राम जन्मभूमि परिसर के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रवेश किया।
- घटना: दर्शन करने के बाद, वह परिसर के भीतर ‘सीता रसोई’ के पास दक्षिण परिक्रमा मार्ग पर बैठ गया और नमाज पढ़ने की कोशिश करने लगा।
- नारेबाजी: जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका, तो उसने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और राम जन्मभूमि पुलिस चौकी ले गए।
- परिजनों का दावा: दूसरी ओर, शेख के परिवार और बेटे का दावा है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उन्होंने साक्ष्य के तौर पर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के दस्तावेज भी साझा किए हैं। फिलहाल खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।
राम मंदिर: कब-कब मिलीं हमले की धमकियां?
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के बाद से ही मंदिर लगातार आतंकी संगठनों के रडार पर रहा है।
- अगस्त 2024: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हेल्पलाइन नंबर पर एक व्हाट्सएप संदेश मिला था, जिसमें ‘4000 किलो RDX’ से मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गई थी।
- मार्च 2025: एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए अब्दुल रहमान नामक संदिग्ध को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड और मंदिर की रेकी से जुड़ी सामग्री (पेन ड्राइव) मिली थी। वह ISI और ISKP (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) के मॉड्यूल से जुड़ा बताया गया था।
- अक्टूबर 2025: आतंकी अदनान से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वह राम मंदिर पर फिदायीन हमले की योजना बना रहा था।
- ऐतिहासिक हमला (5 जुलाई 2005): राम जन्मभूमि परिसर पर 2005 में एक बड़ा फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें सुरक्षा बलों ने पांचों आतंकियों को मार गिराया था।
बार-बार मिल रही धमकियों और ताज़ा घुसपैठ को देखते हुए, सरकार अयोध्या में एक स्थायी NSG हब स्थापित करने की योजना बना रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।


