प्रभास की बहुचर्चित फिल्म ‘द राजा साब’ (The Raja Saab) शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। मारुति द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर दर्शकों और आलोचकों में भारी उत्साह था, लेकिन शुरुआती समीक्षाएं काफी निराशाजनक रही हैं। फिल्म न तो डराने में कामयाब रही और न ही दर्शकों को हंसा सकी।
फिल्म की कहानी एक पुराने पैतृक महल और उसके इर्द-गिर्द बुने गए रहस्यों के बारे में है। प्रभास एक ऐसे किरदार में हैं जो विरासत और कुछ डरावनी घटनाओं के बीच फंसा हुआ है। निर्देशक मारुति ने इसे एक ‘हॉरर-कॉमेडी’ के रूप में पेश करने की कोशिश की है, लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी कमजोर है कि यह दोनों ही विधाओं के साथ न्याय नहीं कर पाती।
अभिनय: प्रभास का स्वैग भी नहीं आया काम
- फिल्म में प्रभास का लुक और उनका ‘विंटेज अवतार’ दिखाने की कोशिश की गई है। हालांकि, वह अपनी ऊर्जा और स्वैग से स्क्रीन पर उपस्थिति दर्ज कराते हैं, लेकिन उनके जैसा ‘लार्जर दैन लाइफ’ स्टार एक ढीली पटकथा की वजह से फीका नजर आता है।
- फिल्म में संजय दत्त की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही थी, लेकिन उनका किरदार काफी सतही रखा गया है। उनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था।
- फिल्म में मालविका मोहनन और निधि अग्रवाल ग्लैमर का तड़का लगाती हैं, लेकिन उनके किरदारों में गहराई की कमी साफ झलकती है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
निर्देशक मारुति जो अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, यहाँ पूरी तरह चूक गए हैं। फिल्म के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- कमजोर हॉरर: फिल्म में ‘डर’ पैदा करने के लिए पुराने घिसे-पिटे तरीकों (जैसे अचानक तेज संगीत या परछाइयां) का इस्तेमाल किया गया है, जो अब दर्शकों को रोमांचित नहीं करते।
- फ्लॉप कॉमेडी: फिल्म के जोक्स इतने पुराने और उबाऊ हैं कि हंसी आना मुश्किल है। कुछ संवाद तो बेहद बचकाने लगते हैं।
- VFX और संगीत: फिल्म का विजुअल इफेक्ट्स (VFX) औसत है। थमन एस. का संगीत कुछ जगहों पर अच्छा है, लेकिन गानों का प्लेसमेंट कहानी की रफ्तार को रोकता है।
अगर आप प्रभास के कट्टर प्रशंसक हैं तो..
‘द राजा साब’ का सबसे बड़ा दोष यह है कि यह अपनी पहचान नहीं बना पाती। फिल्म न तो दक्षिण भारतीय मसाला फिल्मों जैसी रोमांचक है और न ही इसमें हॉरर-कॉमेडी का वह संतुलन है जो ‘स्त्री’ या ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों में देखने को मिलता है।
अगर आप केवल प्रभास के कट्टर प्रशंसक हैं, तो शायद आप उनके लुक्स के लिए इसे एक बार देख सकें। लेकिन अगर आप एक अच्छी कहानी या मनोरंजन की तलाश में हैं, तो इस ‘राजा साब’ से दूरी बनाए रखना ही आपके समय और पैसे की बचत होगी।


