भारतीय शूटिंग जगत के लिए एक शर्मनाक खबर सामने आई है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज को एक नाबालिग महिला शूटर द्वारा यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 8 जनवरी 2026 को हुई इस कार्रवाई ने खेल जगत में हड़कंप मचा दिया है।
कौन हैं अंकुश भारद्वाज?
अंकुश भारद्वाज भारत के प्रमुख शूटिंग कोचिंग स्टाफ के सदस्य रहे हैं।
- कोचिंग करियर: पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा 37 सदस्यीय राष्ट्रीय कोचिंग टीम में शामिल किया गया था। वे NRAI के 13 राष्ट्रीय पिस्टल कोचों में से एक थे।
- खिलाड़ी के तौर पर पृष्ठभूमि: कोचिंग में आने से पहले वे खुद एक पिस्टल शूटर थे।
- विवादास्पद अतीत: भारद्वाज का करियर पहले भी विवादों में रहा है। 2010 में अपने प्रतिस्पर्धी दिनों के दौरान, प्रतिबंधित दवा (बीटा-ब्लॉकर) के सेवन के कारण उन पर डोपिंग प्रतिबंध लगाया गया था।
क्या हैं आरोप?
फरीदाबाद में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, घटना 16 दिसंबर 2025 की है।
- धोखाधड़ी: आरोप है कि डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता के बाद, कोच भारद्वाज 17 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को प्रदर्शन की समीक्षा करने के बहाने फरीदाबाद के एक होटल में ले गए।
- यौन उत्पीड़न: पीड़िता का आरोप है कि लॉबी में मिलने के बजाय कोच ने उसे कमरे में बुलाया और वहां उसका यौन शोषण किया।
- धमकी: शिकायत के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को धमकी दी थी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसका करियर बर्बाद कर देगा।
NRAI और पुलिस की कार्रवाई
- निलंबन: NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने पुष्टि की है कि भारद्वाज को ‘नैतिक आधार’ पर निलंबित कर दिया गया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) जारी किया जाएगा और जांच पूरी होने तक वे किसी भी कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़ पाएंगे।
- POCSO एक्ट: हरियाणा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
- अन्य पीड़िताएं: जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि एक अन्य महिला शूटर ने भी कोच के खिलाफ इसी तरह के दुर्व्यवहार की शिकायत की है।


