कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से निकलकर पूरे भारत में अपनी धाक जमाने वाले ‘रॉकिंग स्टार’ यश (Naveen Kumar Gowda) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। 8 जनवरी 2026 को अपना 40वां जन्मदिन मना रहे यश की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक साधारण बस ड्राइवर के बेटे से लेकर देश के सबसे महंगे अभिनेताओं में शुमार होने तक का उनका सफर करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
छोटे गांव से सुपरस्टार बनने का सफर
यश का जन्म कर्नाटक के हासन जिले के एक छोटे से गांव भुवानाहल्ली में हुआ था। उनके पिता, अरुण कुमार गौड़ा, कर्नाटक राज्य परिवहन (KSRTC) में एक बस ड्राइवर थे।
- 300 रुपये और बड़े सपने: महज 16 साल की उम्र में यश अपने घर से सिर्फ 300 रुपये लेकर बेंगलुरु भाग आए थे। उनके माता-पिता उनके अभिनेता बनने के फैसले के खिलाफ थे, लेकिन यश ने हार नहीं मानी।
- बैकस्टेज से शुरुआत: शुरुआती दिनों में उन्होंने एक थिएटर ग्रुप में बैकस्टेज वर्कर के तौर पर काम किया, जहाँ उन्हें चाय पिलाने और साफ-सफाई जैसे कामों के लिए केवल 50 रुपये प्रतिदिन मिलते थे।
फर्श से अर्श तक: ‘केजीएफ’ का जादू
यश ने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरियल्स (जैसे ‘नंदा गोकुला’) से की और फिर धीरे-धीरे कन्नड़ फिल्मों में अपनी जगह बनाई। साल 2018 में आई फिल्म ‘KGF: Chapter 1’ ने उन्हें रातों-रात एक ग्लोबल आइकन बना दिया। 2022 में इसके सीक्वल ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए और यश ‘पैन-इंडिया’ सुपरस्टार बन गए।
यश की नेटवर्थ और आने वाली फिल्में (2026)
आज यश करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन सादगी ऐसी है कि उनके पिता आज भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए बस चलाना पसंद करते हैं।
| विवरण | जानकारी (2026 तक) |
| कुल संपत्ति | लगभग ₹55 – ₹60 करोड़ |
| आगामी फिल्म | ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ (रिलीज: 19 मार्च 2026) |
| महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट | नितेश तिवारी की ‘रामायण’ (रावण की भूमिका में) |
| कार कलेक्शन | मर्सिडीज-बेंज GLS, ऑडी Q7, रेंज रोवर इवोक |
सफलता का मंत्र
यश का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। आज वे न केवल एक अभिनेता हैं, बल्कि ‘यशमार्ग फाउंडेशन’ के जरिए समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। 40 की उम्र में भी उनका जुनून और काम के प्रति समर्पण उन्हें इंडस्ट्री के अन्य सितारों से अलग खड़ा करता है।


