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    पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में शीतलहर, इतने दिनों तक राहत मिलने के आसार कम

    उत्तर भारत में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और मैदानों में घने कोहरे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अमर उजाला और मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले सात दिनों तक राहत मिलने के आसार कम ही हैं।

    पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में शीतलहर

    हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों से भारी हिमपात हो रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और मनाली जैसे क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।

    • तापमान का गिरना: पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
    • न्यूनतम पारा: कई मैदानी जिलों में न्यूनतम तापमान 2°C से 5°C के बीच पहुंच गया है।

    कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ और यातायात पर असर

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लिए अगले सात दिनों तक घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।

    • विजिबिलिटी शून्य: दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता (visibility) 0 से 50 मीटर तक रह गई है।
    • परिवहन: कोहरे के कारण दिल्ली आने-जाने वाली 60 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं और दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।

    फसलों पर संकट: किसानों की बढ़ी चिंता

    कड़ाके की ठंड और पाला (Ground Frost) रबी की फसलों के लिए काल बन कर आया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

    • आलू और टमाटर: इन फसलों पर ‘झुलसा रोग’ (Blight) और पाले का सबसे ज्यादा खतरा है। पाले के कारण पत्तियां काली पड़कर सूख रही हैं।
    • सरसों और चना: फूल आने की अवस्था में अत्यधिक ठंड से पैदावार प्रभावित हो सकती है।
    • बचाव के उपाय: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों के चारों ओर धुआं करें और शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी का तापमान स्थिर रहे।

    स्वास्थ्य चेतावनी

    डॉक्टरों ने इस कड़ाके की ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। हृदय रोगियों और दमा के मरीजों के लिए यह मौसम काफी संवेदनशील है।


    मुख्य आंकड़े (4 जनवरी 2026):

    • दिल्ली (सफदरजंग): न्यूनतम तापमान 8.1°C
    • पलामू/चुरु: न्यूनतम तापमान 2.5°C
    • चेतावनी: पंजाब और राजस्थान में अगले 5 दिन ‘शीतलहर’ (Cold Wave) का प्रकोप।
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