यह खबर भारतीय घरेलू क्रिकेट के उभरते सितारे सरफराज खान की विस्फोटक पारी और उनके भावुक बयान के बारे में है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में मुंबई और गोवा के बीच हुए मुकाबले में सरफराज ने अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया।
सरफराज खान की तूफानी पारी
मुंबई के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने केवल 75 गेंदों में 157 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उनकी इस पारी की बदौलत मुंबई ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया। सरफराज ने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए और गोवा के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
‘सपने जल्दी सच नहीं होते’
मैच के बाद जब सरफराज से उनकी इस शानदार फॉर्म और भारतीय टीम में निरंतरता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “सपने जल्दी सच नहीं होते।” उनका इशारा उनके लंबे संघर्ष और घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बावजूद राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की करने के लिए किए गए इंतजार की ओर था। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह केवल अपनी प्रक्रिया (Process) पर ध्यान देते हैं और कड़ी मेहनत करना उनके हाथ में है।
छोटे भाई मुशीर खान के लिए अफसोस
इस मैच की एक और खास बात यह थी कि सरफराज के छोटे भाई मुशीर खान भी उनके साथ खेल रहे थे। मुशीर अपने शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन बदकिस्मती से शतक से चूक गए।
सरफराज ने अपनी पारी से ज्यादा अपने भाई के शतक न बना पाने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि एक बड़ा भाई होने के नाते वह चाहते थे कि मुशीर भी अपना शतक पूरा करें। दोनों भाइयों के बीच की यह बॉन्डिंग और खेल के प्रति उनका समर्पण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


