उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ाया जा सकता है। यह निर्णय इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में मतदाताओं के गणना फॉर्म (Enumeration Forms) अभी तक चुनाव आयोग को वापस नहीं मिले हैं, जिससे आयोग गंभीर है।
प्रमुख चिंताएँ
- उत्तर प्रदेश में लगभग पौने तीन करोड़ (2.75 करोड़) गणना फॉर्म अभी तक बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को वापस नहीं मिले हैं।
- SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी, डुप्लीकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को शुद्ध, पारदर्शी और सटीक बनाना है। यदि फॉर्म वापस नहीं आते हैं, तो यह प्रक्रिया बाधित होगी।
- गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि पहले ही 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर 2025 कर दी गई थी। अब यह अवधि एक बार फिर बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन पहले 7 फरवरी 2026 को होना था, जिसे अब बढ़ाकर 14 फरवरी 2026 किया गया है।
संभावित प्रभाव
यदि गणना फॉर्म समय पर जमा नहीं होते हैं, तो चुनाव आयोग उन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है जो या तो संदिग्ध पाए गए हैं या जिन्होंने फॉर्म जमा नहीं किया है। इसलिए, मतदाताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे निर्धारित तिथि से पहले अपने फॉर्म भरकर BLO को अवश्य जमा करें।


